वैश्विक आपूर्ति घटने से सफेद चावल का भाव नए रिकॉर्ड स्तर की ओर अग्रसर

01-Dec-2023 12:51 PM

बैंकॉक । भारत से निर्यात बंद होने तथा वियतनाम में स्टॉक सीमित रहने से थाईलैंड में 5 प्रतिशत टूटे सफेद (कच्चे) चावल का भाव पिछले दो सप्ताहों के अंदर 57 डॉलर बढ़कर 640 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है जो अक्टूबर 2008 के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर से कुछ ही नीचे है।

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2023 के आरंभ में चावल का दाम इससे भी ऊपर पहुंच गया था जिसका प्रमुख कारण 20 जुलाई को भारत सरकार द्वारा सफेद चावल के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाना था। 

थाई चावल निर्यातक संघ के मानद अध्यक्ष का कहना है कि ब्राजील एवं फिलीपींस जैसे देशों में अप्रत्याशित मांग निकलने से चावल की कीमत तेज हुई है।

वियतनाम में स्टॉक कम होने से आयातक थाईलैंड की तरफ आकर्षित हो रहे हैं जबकि स्वयं थाईलैंड के घरेलू प्रभाग में चावल का भाव तेज चल रहा है। इसके अलावा थाईलैंड की मुद्रा- बहत भी डॉलर के सपेक्ष मजबूत हुई है।

जब तक भारत से गैर बासमती सफेद चावल का निर्यात हो रहा था तब तक वैश्विक बाजार भाव में काफी हद तक स्थिरता बनी हुई थी। दरअसल भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है और एशिया तथा अफ्रीका के अनेक देश चावल आयात के लिए इस पर ही आश्रित रहते हैं।

मगर जब यहां से निर्यात रुक गया तब थाईलैंड और वियतनाम के चावल की मांग तेजी से बढ़ने लगी। थाईलैंड में अल नीनो के प्रकोप से चावल का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।

हालांकि वहां इसके निर्यात पर तो प्रतिबंध नहीं लगाया गया है मगर घरेलू बाजार में तेजी से बढ़ते दाम को देखते हुए सरकार ने किसानों को अपने धान की बिक्री नहीं करने का सुझाव दिया है और स्टॉक अपने पास रखने के लिए कहा है। इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी दी जा रही है। 

उधर वियतनाम में धान की नई फसल आने तक चावल का कारोबार सुस्त रहने की संभावना है जिससे उसके निर्यात का प्रदर्शन भी कमजोर पड़ने लगा है।

ऐसी हालत में चावल का वैश्विक बाजार भाव आगे भी ऊंचा एवं तेज रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारत से  सफेद गैर बासमती चावल का निर्यात निकट भविष्य में शुरू होना मुश्किल लगता है।