विशाल आयात एवं पर्याप्त स्टॉक के कारण खाद्य तेलों के दाम में उछाल आने की संभावना नहीं

06-Sep-2023 10:20 AM

नई दिल्ली । अन्य आवश्यक वस्तुओं के विपरीत आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान खाद्य तेलों के घरेलू बाजार मूल्य में जोरदार उछाल आने की संभावना नहीं है क्योंकि एक तो इसका पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और दूसरे, विदेशों से विशाल मात्रा में आयात भी है।

एफएमसीजी कंपनियों का कहना है कि निर्यातक देशों में पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का भाव काफी हद तक स्थिर बना हुआ है जबकि भारत में इसके आयात पर न्यूनतम स्तर का सीमा शुल्क लागू है इसलिए आयातित खाद्य तेल ज्यादा महंगा नहीं बैठ रहा है।

लेकिन प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव के कारण सितम्बर 2023 से अप्रैल-मई 2024 के दौरान खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड में इससे पाम तेल का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।

हालांकि पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में अच्छी वर्षा नहीं होने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने के कारण इस बार गैर बासमती चावल के उत्पादन में कमी आने की संभावना है मगर अन्य राज्यों में तिलहन की फसल को सितम्बर की बारिश से काफी फायदा होने के आसार हैं। इससे घरेलू खाद्य तेल बाजार पर कुछ मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। केन्द्र सरकार भी खाद्य तेल की कीमतों को उचित स्तर पर बरकरार रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के कार्यकारी निदेशक के अनुसार सोयाबीन और मूंगफली की फसल के लिए मानसून की बारिश अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है क्योंकि इस पर ही पैदावार, उपज दर एवं क्वालिटी निर्भर करेगी। यदि उम्मीद के अनुरूप अगले 10 दिनों में अच्छी वर्षा हो जाती है तो फसल की हालत में काफी सुधार आ सकता है अन्यथा इसकी उपज दर एवं कुल पैदावार बुरी प्रभावित हो सकती है। दरअसल अगस्त के अत्यन्त शुष्क एवं गर्म मौसम ने सबको चिंतित कर दिया था लेकिन चालू माह में बारिश की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। 

एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार भारत में विदेशों से आयातित खाद्य तेलों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और प्रति माह भारी मात्रा में इसका आयात भी हो रहा है इसलिए निकट भविष्य में उसकी कीमतों में तेजी आने की संभावना बहुत कम है। लेकिन कमजोर बारिश के कारण सोयाबीन की फसल आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती है।

पिछले महीने खाद्य राज्य मंत्री ने कहा था कि गत वर्ष के मुकाबले आरबीडी पामोलीन, रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं रिफाइंड सूरजमुखी तेल घरेलू बाजार मूल्य में काफी गिरावट आई है। इसे बरकरार रखने का प्रयास किया जाएगा।