वर्ष 2024 में म्यांमार से 18 लाख टन से अधिक दलहनों का निर्यात

06-Jan-2025 08:38 PM

रंगून । हालांकि भारत में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं रूस जैसे देशों से मसूर, मटर एवं देसी चना का आयात बड़े पैमाने पर हो रहा है लेकिन उड़द एवं अरहर (तुवर) का सर्वाधिक आयात म्यांमार से किया जाता है।

तुवर का आयात मोजाम्बिक सहित कई अन्य अफ्रीकी देशों से तथा उड़द का थोड़ा-बहुत आयात ब्राजील से भी होता है। अफ्रीकी देशों से चना भी मंगाया जाता है। 

म्यांमार की शीर्ष व्यापारिक संस्था- ओवरसीज एग्री ट्रेड एसोसिएशन (ओएटीए) के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के 12 महीनों के दौरान देश से उड़द, अरहर एवं मूंग का कुल निर्यात बढ़कर 18 लाख टन से ऊपर पहुंच गया।

इसमें करीब 8.90 लाख टन उड़द, 3.13 लाख टन तुवर एवं 6.02 लाख टन मूंग का शिपमेंट शामिल था। उल्लेखनीय है कि भारत  में मूंग का आयात नहीं होता है क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। 

म्यांमार में दलहन फसलों की बिजाई समाप्त होने के बाद अब मौसम पर सबका ध्यान केन्द्रित है। फसल की हालत फ़िलहाल सामान्य बताई जा रही है।

वर्ष 2024 के दौरान वहां से उड़द का सर्वाधिक निर्यात मई में 1.03 लाख टन का हुआ। मई में ही तुवर का भी सबसे ज्यादा 41 हजार टन का शिपमेंट किया गया जबकि मूंग का सबसे ज्यादा 95 हजार टन का शिपमेंट मार्च 2024 में किया गया। 

म्यांमार से उड़द के अधिकांश भाग का निर्यात भारत को किया जाता है। वस्तुतः भारत की जरूरत मांग के कारण ही म्यांमार इस महत्वपूर्ण दलहन के उत्पादन में नियमित रूप से भारी बढ़ोत्तरी हो रही है।

जहां तक तुवर का सवाल है तो म्यांमार से होने वाले इसके कुल निर्यात के लगभग 90 प्रतिशत भाग का आयात अकेले भारत करता है। इस बार भारत में तुवर का बेहतर उत्पादन होने से कीमतों पर दबाव बढ़ने लगा है।