उत्तरी राज्यों में बारिश एवं नम मौसम का रबी फसलों पर मिश्रित प्रभाव

19-Mar-2026 12:00 PM

नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तरी भारत के विभिन्न राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश होने तथा मौसम नम रहने से, गेहूं, जौ, चना, मसूर एवं सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों पर मिश्रित असर पड़ने की संभावना है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्षा पिछैती बिजाई वाली रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी और उसकी प्रगति में सहायता करेगी जिससे उसकी बेहतर पैदावार की उम्मीद की जा सकती है। 

दूसरी ओर जिन उत्पादों में अगैती बिजाई वाली रबी फसलें पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी हैं अथवा जिसे काटकर खेतों खलिहानों में सूखने के लिए छोड़ दिया गया था उसे इस तेज हवा एवं बारिश से नुकसान होने की आशंका है।

इसी तरह जो उत्पाद बिक्री के लिए मंडियों में लाया गया था और खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था उसे भी इस आंधी-वर्षा से हानि पहुंचने की संभावना है। 

उल्लेखनीय है कि और सरसों की नई फसल की कटाई-तैयारी फरवरी में ही आरंभ हो गई थी और अब मंडियों में इसकी आपूर्ति की रफ्तार बढ़ती जा रही है।

कुछ राज्यों में गेहूं के नए माल की आवक भी हो रही है। जल्दी ही इसकी आपूर्ति की गति तेज होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक विभिन्न राज्यों में हल्की या सामान्य बारिश होने की संभावना है।