उत्पादन घटने एवं निर्यात बेहतर होने की संभावना से इलायची में मजबूती के आसार

03-Apr-2024 06:25 PM

इडुक्की । सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- केरल में लम्बे समय से अच्छी वर्षा नहीं होने तथा तपमान ऊंचा रहने से छोटी इलायची की फसल को नुकसान होने की आशंका है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले 10-15 दिनों के अंदर प्रमुख उत्पादक इलाकों में अच्छी वर्षा नहीं हुई और तापमान ऊंचे स्तर पर बरकरार रहा तो छोटी इलायची के दाम में इजाफा हो सकता है। कीमतों में संभावित तेजी का एक और कारण बेहतर निर्यात प्रदर्शन माना जा रहा है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार छोटी इलायची के वैश्विक निर्यात बाजार में भारत का मुख्य प्रतिद्वंदी ग्वाटेमाला है। वहां उत्पादित इलैयहि अपेक्षाकृत सस्ती होती है क्योंकि अच्छी होती है इसलिए इसका दाम भी ऊंचा रहता है।

लेकिन अब दोनों देशों की इलायची के मूल्य का अंतर काफी घट गया है जिससे आयातक देशों से भारतीय इलायची की मांग बढ़ने की उम्मीद है। खाड़ी क्षेत्र में भारत अब ग्वाटेमाला को भारी चुनौती दे रहा है।

समीक्षकों के मुताबिक उत्तरी अमरीका महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में अवस्थित देश- ग्वाटेमाला में पिछले साल हरी (छोटी) इलायची का उत्पादन तेजी से बढ़कर 54 हजार टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जिससे इसके दाम में भारी गिरावट आ गई थी और उसे निर्यात बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल गया था।

इसके मुकाबले चालू वर्ष के दौरान वहां उत्पादन घटकर 30 हजार टन केआसपास सिमट जाने की संभावना है जिससे इलायची का भाव तेज हो गया है। 

समीक्षकों के मुताबिक यदि 20 अप्रैल तक केरल के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में एक-दो अच्छी बारिश हो जाती है तो इलायची शानदार उत्पादन  हो सकता है और यह बढ़कर ग्वाटेमाला के उत्पादन से ऊपर पहुंच सकता  है।