उत्पादन घटने एवं मांग मजबूत रहने से लालमिर्च में तेजी

25-Mar-2026 11:53 AM

गुंटूर। हालांकि भारतीय लालमिर्च के सबसे बड़े खरीदार- चीन में इस बार मांग कमजोर देखी जा रही है लेकिन घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण मसाले की मांग मजबूत बनी हुई है जिससे इसका भाव तेज हो रहा है।

इसके अलावा बिजाई क्षेत्र में कमी तथा प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए भारी नुकसान के कारण उत्पादन में 20-25 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका का भी मनोवैज्ञानिक असर लालमिर्च बाजार पर पड़ने लगा है। 

गुंटूर स्थित संस्था- चिली एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि चीन में भारतीय लालमिर्च की मांग इस वर्ष काफी कमजोर देखी जा रही है क्योंकि वहां इसका पिछला बकाया स्टॉक काफी बढ़ा है।

पिछले साल 31 मार्च तक चीन को करीब 9000 कंटेनरों में लालमिर्च का निर्यात किया गया था। जिसके मुकाबले चालू वर्ष में अभी तक महज 2000 कंटेनरों में ही माल भेजा जा सका है। 

लेकिन उत्तरी भारत के डीलरों- स्टॉकिस्टों एवं मसाला कंपनियों द्वारा भारी मात्रा में लालमिर्च की खरीद की जा रही है। इस बार फसल की बिजाई देर से शुरू हुई थी इसलिए लालमिर्च की आवक मई तक जारी रहने की संभावना है।

एक उद्योग विश्लेषक के अनुसार चीन के आयातक भारतीय बाजार में मौजूद तो हैं लेकिन लालमिर्च की खरीद में ज्यादा सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं।

पिछले साल चीन ने विशाल मात्रा में इसकी खरीद की थी और उसका बड़ा भाग अभी तक वहां मौजूद है। इधर लालमिर्च का घरेलू उत्पादन काफी घटने से कीमतों में जोरदार वृद्धि देखी जा रही है। गत वर्ष की तुलना में भाव लगभग दोगुना ऊंचा हो गया है।