उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर हल्दी की आवक घटी : वायदा बाजार में लगा तेजी का सर्किट

18-Apr-2024 07:11 PM

नई दिल्ली । चालू सीजन के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन गत 5 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर आ जाने के कारण हल्दी कीमतों में तेजी का दौर शुरू हो गया है और चालू सप्ताह के दौरान हाजिर बाजारों में हल्दी के भाव 15/20 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं कमजोर पैदावार के कारण बाजारों में धारणा तेजी की बनी हुई है। और संभावना व्यक्त की जा रही है चालू सीजन के दौरान हल्दी के भाव नया रिकॉर्ड स्थापित करेंगे। 
उत्पादन अनुमान 
प्राप्त जानकारों के अनुसार वर्ष 2020 में देश में हल्दी का उत्पादन 94/95 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 60 किलो) का रहा था जोकि वर्ष 2021 में घटकर 85/90 लाख  एवं वर्ष 2022 में 78/80 लाख बोरी पर आ गया। वर्ष 2023 में उत्पादन 82/85 लाख बोरी का रहा जबकि चालू सीजन 2024 में उत्पादन 50/55 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। 
आवक घटी 
कमजोर उत्पादन के कारण मराठवाड़ा लाइन को छोड़कर अन्य मंडियों में हल्दी की आवक घटनी शुरू हो गई है। इरोड मंडी में आज आवक घटकर 1000 बोरी की रह गई है जबकि निजामाबाद में आवक 6/7 हजार बोरी की रह गई है। सांगली मंडी में भी आवक 6500/7000 बोरी की रही। मराठवाड़ा लाइन नांदेड, बसमत, हिंगोली मंडी में आवक आशानुरूप नहीं बढ़ रही है। 
मुनाफा वसूली का डर 
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में एक बार मुनाफा वसूली आने की संभावना है। जिस कारण से अल्पकाल के लिए कीमतों में कुछ गिरावट आ सकती है लेकिन जल्द ही कीमतों में फिर तेजी का दौर शुरू हो जाएगा। और हल्दी गट्ठा का भाव 200 रुपए का स्तर पार कर जाने के अनुमान है। 
कीमतों में तेजी 
कमजोर आवक एवं वायदा के बढ़ते भावों के कारण आज उत्पादक केन्द्रों की मंडी सहित दिल्ली बाजार में भी हल्दी के भाव क्वालिटीनुसार 500/1000 रुपए प्रति क्विंटल तेजी के साथ बोले गए। वायदा बाजार में आज तेजी का सर्किट लगा। और जून का भाव 1038 रुपए एवं अगस्त का भाव 1068 रुपए तेजी के साथ बंद हुआ।