उड़ीसा, बंगाल एवं तमिलनाडु में चावल की सरकारी खरीद गत वर्ष से काफी पीछे
03-Jan-2025 07:56 PM
नई दिल्ली । पंजाब तथा हरियाणा के साथ-साथ उड़ीसा, पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु में भी चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल की सरकारी खरीद गत वर्ष से पीछे है। पंजाब तथा हरियाणा में तो धान-चावल की खरीद की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है लेकिन उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में अभी जारी है।
उड़ीसा में राज्य सरकार ने किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा की है इसलिए अब सरकारी तौर पर इसकी खरीद की गति तेज होने के आसार हैं।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सामान्य श्रेणी के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2325 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है जबकि शेष बोनस की राशि उड़ीसा में राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी किसानों को धान पर अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उड़ीसा में इस बार 31 दिसम्बर तक कुल 7.87 लाख टन चावल (इसके समतुल्य धान) खरीदा गया जो पिछले सीजन की समान अवधि की खरीद 8.93 लाख टन से करीब 12 प्रतिशत कम रहा। आगामी दिनों के दौरान वहां इसकी खरीद की गति तेज होने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल में चावल की खरीद की गति अत्यन्त धीमी है। वहां इसकी खरीद इस बार अभी शुरू ही हुई है और 31 दिसम्बर तक केवल 5 हजार टन पर पहुंच सकी जबकि वर्ष 2023 में 31 दिसम्बर तक 3.44 लाख टन पर पहुंच गई थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक 2023-24 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान बंगाल में किसानों ने नियत समय से काफी पहले ही धान की कटाई शुरू कर दी थी और इसलिए दिसम्बर के अंत तक मंडियों में इसकी अच्छी आवक होने लगी थी।
तमिलनाडु एक अन्य ऐसा प्रान्त जहां चावल की सरकारी खरीद में कमी आई है। ध्यान देने की बात है कि इस दक्षिणी राज्य में किसानों से धान की सरकारी खरीद 1 सितम्बर 2024 से ही आरंभ हो गई थी लेकिन 31 दिसम्बर तक चावल की कुल खरीद 3.63 लाख टन पर ही पहुंच सकी जो 31 दिसम्बर 2023 तक हुई खरीद 3.71 लाख टन से 8 हजार टन कम रही।
केन्द्र सरकार ने 2024-25 के खरीफ सीजन में चावल का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1199.30 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 1132.60 लाख टन से 6 प्रतिशत अधिक है।
