उर्वरक सब्सिडी की राशि किसानों के खाते में भेजने का सुझाव
16-Mar-2026 05:49 PM
नई दिल्ली। एक कृषि बाजार अनुसन्धान संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न मौजूदा संकट का उपयोग सरकार को उर्वरक के आयात पर निर्भरता घटाने के एक अवसर के तौर पर करना चाहिए
और किसानों को उर्वरक सब्सिडी के लिए प्रत्यक्ष नकद अंतरण (डायरेक्ट कैश ट्रांसफर) का नियम लागू करने हेतु आवश्यक कदम उठाना चाहिए। इससे सभी पक्षों को राहत मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नियम में सीजन के अनुरूप सामंजस्य बैठाया जाना चाहिए। यूरिया सहित अन्य रासायनिक उर्वरकों पर सरकार भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है।
इसके बजाए यदि सब्सिडी की राशि सीधे-किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए तो यह ज्यादा सटीक एवं लाभप्रद होगा। यह सब्सिडी किसानों द्वारा उपजाई जाने वाली फसलों तथा सिंचाई सुविधा की उपलब्धता के आधार पर नियत की जा सकती है।
इससे किसानों को नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाशियम की अधिक संतुलित मात्रा का इस्तेमाल करने का प्रोत्साहन मिलेगा और मिटटी की उर्वरा शक्ति बरकरार रखी जा सकेगी। इससे यूरिया के गैर कृषि उपयोग तथा तस्करी निर्यात पर रोक लग सकेगी।
