धान एवं दलहन के रकबे में मामूली वृद्धि- मोटे अनाज एवं तिलहनों का क्षेत्रफल पीछे

07-Jan-2025 05:51 PM

नई दिल्ली । रबी फसलों की बिजाई का अभियान लगभग समाप्त होने के बाद जो आंकड़ा सामने आया है उससे पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान तथा दलहनों के उत्पादन क्षेत्र में थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई है मगर मोटे अनाजों एवं तिलहनों का रकबा घट गया है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले रबी सीजन की तुलना में इस बार 3 जनवरी तक राष्ट्रीय स्तर पर धान का उत्पादन क्षेत्र 16.77 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 16.93 लाख हेक्टेयर तथा दलहनों का बिजाई क्षेत्र 136.02 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 137.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।

दलहन फसलों के संवर्ग में चना का बिजाई क्षेत्र तो गत वर्ष के 93.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 94.45 लाख हेक्टेयर हो गया लेकिन मसूर का क्षेत्रफल 17.76 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 17.43 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। मटर सहित अन्य दलहनों की बिजाई भी उत्साहवर्धक नहीं रही।

मोटे अनाजों का उत्पादन क्षेत्र पिछले रबी सीजन में 52.83 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था जो चालू सीजन में 52.17 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका।

इसी तरह तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 101.64 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 96.74 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

इसके तहत रबी सीजन के सबसे प्रमुख तिलहन- सरसों का बिजाई क्षेत्र 93.73 लाख हेक्टेयर से घटकर 88.50 लाख हेक्टेयर रह गया।

समझा जाता है कि अनेक किसान इस बार सरसों की खेती छोड़कर या इसका रकबा घटाकर गेहूं की तरफ मुड़ गए क्योंकि इसका बाजार भाव अत्यन्त आकर्षक स्तर पर चल रहा है।

रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 621.52 लाख हेक्टेयर से 1.24 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 622.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जबकि आगे इसमें ज्यादा सुधार आने के आसार नहीं है।

सरसों की पैदावार में गिरावट आने की संभावना है जबकि चना का उत्पादन लगभग समान रहने और गेहूं का उत्पादन कुछ बढ़ने की उम्मीद है।