धान एवं दलहनों की बदौलत जायद फसलों के बिजाई क्षेत्र में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

20-Apr-2024 04:08 PM

नई दिल्ली । आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकालीन या जायद फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 64.47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 59.60 लाख हेक्टेयर से करीब 8 प्रतिशत ज्यादा है। ज्ञात हो कि इस बार जायद फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 66 लाख हेक्टेयर आंका गया है। 

ग्रीष्मकालीन धान का रकबा 19 अप्रैल 2024 तक बढ़कर 29.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष के क्षेत्रफल 17.41 लाख हेक्टेयर से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है।

इसी तरह दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 11.96 लाख हेक्टेयर से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 13.12 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसके तहत उड़द और मूंग की बिजाई अधिक क्षेत्रफल में होने की खबर है।

मूंग का उत्पादन क्षेत्र 9.42 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.36 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 2.54 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।

ग्रीष्मकालीन दलहनों के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, गुजरात, तमिलनाडु एवं उत्तर प्रदेश आदि शामिल हैं। इन दोनों दलहनों का भाव आकर्षक स्तर पर चल रहा है। 

मोटे अनाजों के संदर्भ में मक्का का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 9.18 लाख हेक्टेयर से 5 प्रतिशत सुधरकर इस बार 9.65 लाख हेक्टेयर हो गया है। 

तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 4.58 लाख हेक्टेयर तथा तिल का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 4.74 लाख हेक्टेयर हो गया।

इसी तरह सूरजमुखी का रकबा भी गत वर्ष से 29 हजार हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 33 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। मक्का सहित पोषक अनाजों का रकबा 10.35 की लाख हेक्टेयर से 9 प्रतिशत बढ़कर 11.31 लाख हेक्टेयर हो गया है।