दिसम्बर में मलेशियाई पाम तेल के निर्यात में 10 प्रतिशत की गिरावट

10-Jan-2025 12:55 PM

कुआलालम्पुर । नवम्बर-दिसम्बर के दौरान मलेशिया के कई भागों में मूसलाधार वर्षा होने तथा भयंकर बाढ़ आने से पाम तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ और वहां से इसके निर्यात में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट भी आ गई।

सरकारी संस्था- मलेशियाई पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार नवम्बर की तुलना में दिसम्बर 2024 के दौरान मलेशिया में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का उत्पादन 8.30 प्रतिशत घटकर 14.87 लाख टन के करीब सिमट गया। 

एम्पोब के एक शीर्ष अधिकारी ने पिछले महीने कहा था कि नवम्बर के अंतिम सप्ताह के दौरान आई विनाशकारी बाढ़ के कारण क्रूड पाम तेल का उत्पादन दिसम्बर में 5 से 10 प्रतिशत के बीच घट सकता है जबकि बाढ़ की विभीषिका ज्यादा होने पर उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है। मलेशिया के साथ-साथ दक्षिणी थाईलैंड में भी भयंकर बाढ़ आई थी। 

एम्पोब की रिपोर्ट के अनुसार दिसम्बर 2024 के अंत में मलेशिया में पाम तेल का कुल स्टॉक नवम्बर की तुलना में 6.90 प्रतिशत गिरकर 17.09 लाख टन रह गया। इसके तहत क्रूड पाम तेल का स्टॉक 1.45 प्रतिशत फिसलकर 8.94 लाख टन तथा प्रोसेस्ड या आर बीडी संवर्ग के पाम तेल / पामोलीन का प्लान 12.25 प्रतिशत घटकर 8.14 लाख टन पर अटक गया। 

इसके अलावा वहां पाम कर्नेल तेल का स्टॉक भी नवम्बर के मुकाबले दिसम्बर में 4.10 प्रतिशत गिरकर 2.74 लाख टन पर आ गया। लेकिन इसी अवधि में वहां पाम तेल का आयात 71.7 प्रतिशत उछलकर 38 हजार टन पर पहुंच गया। 

इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि शिपमेंट में बाधा पड़ने के साथ-साथ ऊंचे दाम के कारण भी दिसम्बर में मलेशियाई पाम तेल का निर्यात प्रभावित हुआ।

भारत जैसे शीर्ष खरीदार देश के आयातकों ने पाम तेल के बजाए सोयाबीन तेल के आयात पर ज्यादा ध्यान दिया क्योंकि यह अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर उपलब्ध था।