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दक्षिणी प्रायद्वीप में वर्षा से मानसून की वापसी में ठहराव

07-Oct-2026 01:57 PM

दक्षिणी प्रायद्वीप में वर्षा से मानसून की वापसी में ठहराव

तिरुअनन्तपुरम। हालांकि 19 सितम्बर से दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमोत्तर भारत से लौटने लगा था और राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, चंडीगढ़ तथा दिल्ली जैसे राज्यों को पार करके देश के मध्यवर्ती एवं पूर्वी क्षेत्र की ओर बढ़ गया था लेकिन दक्षिण भारत में होने वाली वर्षा के कारण इसकी वापसी यात्रा में ठहराव आ गया है। मौसम विभाग ने कहा था कि 15 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत से पूरी तरह प्रस्थान कर जाएगा और उसी समय उत्तर-पूर्व मानसून का आगमन हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर एवं सर्कुलेशन बन रहा है जो आगे सघन होकर 15 अक्टूबर तक एक दाब के क्षेत्र या फिर डिप्रेशन में बदल सकता है। यह उत्तर-पूर्व मानसून के आने का संकेत होगा और इससे दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है। 

मानसून की वापसी पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत तथा इसके समीपवर्ती क्षेत्रों से होने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल होती जा रही हैं। चालू तथा अगले सप्ताह तक यह स्थिति बरकरार रह सकती है जिससे मानसून दक्षिणी प्रायद्वीप भारत के उत्तरी भागों से भी प्रस्थान कर सकता है।

इसका मतलब यह हुआ कि जिस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से प्रस्थान करेगा उसी समय उत्तर-पूर्व मानसून का आगमन हो सकता है। यह संचरण सामान्य क्रमानुसार होने की संभावना कम है क्योंकि एक साथ दो मानसून का मिलना कुछ ज्यादा तीव्रता पैदा कर सकता है। 

तमिलनाडु, केरल, माही, पांडिचेरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, कराईकल तथा रॉयल सीमा में भारी वर्षा 5-6 अक्टूबर को हुई। उड़ीसा, मध्य प्रदेश, उत्तरी एवं आंतरिक कर्नाटक तथा मध्य महाराष्ट्र में बारिश होने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बारिश से खरीफ फसलों को कितनी राहत मिलती है।