दक्षिणी अंडमान सागर में मानसून के सही समय पर पहुंचने की उम्मीद

14-May-2024 05:21 PM

तिरुअनन्तपुरम । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को उम्मीद है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून चालू सप्ताह के अंत यानी 18-19 मई (शनिवार-रविवार) तक आगे बढ़ते हुए दक्षिणी अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ भागों तथा निकोबार द्वीपसमूह समूह तक पहुंच जाएगा जो इसका सही या सामान्य समय माना जाता है।

उससे आगे के क्षेत्र यानी मालद्वीप तथा श्रीलंका में पहले ही हल्की से लेकर भारी बारिश शुरू हो चुकी है और गरज-चमक के सात बौछारे भी पड़ रही हैं।  

उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर मध्य मई के आसपास मालद्वीप में तथा उसके पांच-छह दिनों के बाद श्रीलंका में प्रवेश करता है।

इस बार यह श्रीलंका में नियत समय से कुछ पूर्व यानी 21 मई तक पहुंच सकता है जिससे केरल के दक्षिणी तट पर इसके लगभग सामान्य समय पर पहुंचने का रास्ता साफ़ हो सकता है। केरल में मानसून के आने का समय 1 जून माना जाता है।

चालू सप्ताह के आरंभ में यानी 13 मई को कोमोरीन क्षेत्र  के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद था जो श्रीलंका के पश्चिमी भाग तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक तक फैला हुआ था।

गरज-चमक के साथ पड़ने वाली बौछार दक्षिणी पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ने वाली हवा को श्रीलंका से होकर आगे बढ़ने में मदद करेगी। यह ऐसे समय में होगा जब दक्षिणी अंडमान सागर में मानसून प्रवेश करेगा। लेकिन म्यांमार को पहली बारिश आने के लिए कुछ लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। 

ध्यान देने की बात है कि आमतौर पर मानसून सर्वपर्थम म्यांमार में मई के दूसरा सप्ताह में पहुंच जाता है और इसके बाद आगे बढ़कर अंडमान- निकोबार द्वीपसमूह, श्रीलंका तथा केरल में अगले एक पखवाड़े के अंदर प्रवेश करता है।

अभी म्यांमार के मौसम विभाग ने मानसून के आगमन की किसी तिथि का संकट नहीं दिया है लेकिन उसे अगले सप्ताह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी भाग और इससे सटे दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर एक कम दाब का क्षेत्र बनने का भरोसा है। 13 मई को गुजरात में भारी बारिश हुई जो मानसून पूर्व की वर्षा थी।