थाईलैंड में कम उत्पादन होने से चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में सुधार
31-Jan-2025 04:43 PM
न्यूयार्क । ब्राजील में रियाल की मजबूती एवं थाईलैंड में उत्पादन की धीमी गति के कारण निवेशकों / सटोरियों द्वारा लिवाली बढ़ाए जाने से मार्च अनुबंध के लिए न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा भाव 0.22 सेंट प्रति पौंड (1.14 प्रतिशत) तथा लंदन एक्सचेंज में सफेद चीनी (व्हाइट शुगर) का वायदा मूल्य 11.30 डॉलर प्रति टन (2.21 प्रतिशत) बढ़ गया।
चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य में बढ़ोत्तरी होना भारत के लिए शुभ समाचार है क्योंकि सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति तो प्रदान की है मगर कीमतों को लेकर मिलर्स एवं निर्यातकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मिलर्स निर्यातकों को कम दाम पर चीनी बेचने के लिए तैयार नहीं है जबकि निर्यातक वैश्विक बाजार भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
चीनी के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश - ब्राजील की मुद्रा- रियाल की विनिमय दर बढ़कर अमरीकी डॉलर के सापेक्ष दो माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई जिसके फलस्वरूप वहां से चीनी का निर्यात महंगा हो जाएगा।
इसे देखते हुए न्यूयार्क एवं लंदन एक्सचेंज में निवेशकों ने अपने पोजीशनों को मजबूत बनाने का प्रयास शुरू कर दिया। ब्राजील में चीनी का उत्पादन सीजन औपचारिक तौर पर समाप्त हो चुका है जबकि अगला सीजन अप्रैल 2025 से आरंभ होगा।
ब्राजील के बाद दूसरे सबसे प्रमुख निर्यातक देश- थाईलैंड में यद्यपि 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया गया है लेकिन शुरूआती चरण में इसके उत्पादन की रफ्तार कुछ सुस्त देखी जा रही है।
इसे देखते हुए एक बहुराष्ट्रीय व्यापारिक फर्म जारनिकोव ने वहां चीनी का उत्पादन अनुमान 116 लाख टन से घटाकर 108 लाख टन नियत कर दिया है।
उधर भारत में भी पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे कीमतों में मजबूती बरकरार रह सकती है।
