दो महीनों में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद

17-Jan-2025 11:19 AM

नई दिल्ली । केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा है कि अगले दो महीनों के अंदर देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल होने के पक्के आसार हैं।

सरकार ने चालू मार्केटिंग सीजन के लिए यह लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके हासिल होने से प्रदूषण को घटाने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा है कि देश की नामी गिरामी वाहन निर्माण कम्पनियां- टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुती सुजुकी तथा ह्युंडे मोटर्स आदि ऐसे वाहनों का निर्माण करने पर काम कर रही हैं जो 100 प्रतिशत बायो एथनॉल से चल सके।

राजमार्ग मंत्री के अनुसार भारत में प्रदूषण एक गंभीर मामला बना हुआ है। दुनिया के 50 सबसे प्रदूषित नगरों में भारत के 42 शहर शामिल हैं। देश में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए मूल्य के जीवाश्म ईंधन (पेट्रोलियम) का वार्षिक आयात किया जाता है जिससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है बल्कि प्रदूषण का खतरा भी बढ़ जाता है।

चालू वर्ष के अंत तक भारत 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने में सफल हो सकता है। इसके साथ-साथ सरकार ने वर्ष 2025 के बाद एथनॉल का उपयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के बारे में भी विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।

यदि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य सही समय पर प्राप्त हो जाता है तो इसका उत्पादन एवं उपयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार करना आसान हो जाएगा।

भारत में गन्ना के साथ-साथ अनाज (खासकर चावल एवं मक्का) से भी बड़े पैमाने पर एथनॉल का उत्पादन हो रहा है। सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना के उपयोग को असीमित कर दिया है और 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में लगभग 40 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का इस्तेमाल एथनॉल निर्माण में होने की उम्मीद है।