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21-Sep-2026 11:04 AM
नई दिल्ली। खरीफ कालीन तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र इस बार 194.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र 194.75 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर ही है लेकिन मौसम एवं मानसून की हालत को देखते हुए कुछ राज्यों में फसल का संतोषजनक उत्पादन होने में संदेह है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 50.80 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 50.67 लाख हेक्टेयर, सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 123.11 लाख हेक्टेयर से घटकर 122.22 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का क्षेत्रफल 9.53 लाख हेक्टेयर से गिरकर 8.07 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन दूसरी ओर सूरजमुखी का रकबा 70 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 1.29 लाख हेक्टेयर एवं तिलहन का उत्पादन क्षेत्र 9.79 लाख हेक्टेयर से उछलकर 11.08 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। तिलहन फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
दक्षिणी राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र एवं गुजरात के कुछ भागों में भी लम्बे समय से अच्छी वर्षा नहीं होने के कारण तिलहन फसलों के विकास में बाधा पड़ रही है। इससे उसकी औसत उपज दर तथा दाने की क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है। मध्य प्रदेश में हालत सामान्य है।