तेलंगाना में मक्का की सरकारी खरीद होने पर किसानों को मिलेगी राहत
27-Apr-2026 03:47 PM
खम्माम। दक्षिण भारत के एक महत्वपूर्ण मक्का उत्पादक राज्य- तेलंगाना में इस मोटे अनाज का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आ गया है जिससे किसानों को जबरदस्त आर्थिक नुकसान हो रहा है।
नाराज और चिंतित किसानों ने जब हंगामा शुरू किया तब राज्य सरकार ने केन्द्र के पास 15 लाख टन मक्का की खरीद के लिए केन्द्र से वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। इस बीच राज्य मंत्रिमंडल ने अपने स्तर से फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
तेलंगाना में 2025-26 सीजन के दौरान 43.20 लाख टन मक्का के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है और सरकार इसके कम से कम एक-तिहाई भाग की खरीद करना चाहती है। इसके लिए 14.89 लाख टन मक्का खरीदने का निश्चय किया गया है और 2400 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आधार पर इस मक्का की खरीद पर 4173 करोड़ रूपए का खर्च बैठने का अनुमान है।
राज्य मंत्रिमंडल ने मक्का की खरीद का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और तेलंगाना स्टेट को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटिड (टी एस मार्कफेड) को इसकी खरीद का दायित्व सौंपा गया है। मार्कफेड को जरुरी फंड जुटाने में सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक गारंटी देने पर भी सहमत हो गई है।
तेलंगाना देश के अग्रणी मक्का उत्पादक राज्यों में शामिल है और कुल राष्ट्रीय उत्पादन में उसकी भागीदारी बढ़कर 10 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। वहां लगभग लाख हेक्टेयर में इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज की बिजाई हुई और फसल की औसत उपज दर 65.66 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान लगाया गया है।
तेलंगाना की अधिकांश मंडियों में मक्का का औसत भाव घटकर 1600 रुपए प्रति क्विंटल के करीब रह गया है जो एमएसपी से 800 रुपए प्रति क्विंटल नीचे है।
