रासायनिक उर्वरकों के अभाव की संभावना से केन्द्र सरकार का इंकार

27-Apr-2026 05:27 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने देश में रासायनिक उर्वरकों की भारी कमी की आशंका से इंकार करते हुए कहा है कि मध्य अप्रैल से यूरिया का स्टॉक नियमित रूप से बढ़ रहा है और विदेशों से भी इसका आयात बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार का दावा है कि खरीफ कालीन फसलों की बिजाई का सीजन आरंभ होने से पूर्व देश में सभी प्रमुख रासायनिक उर्वरकों का समुचित स्टॉक उपलब्ध हो जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्य अप्रैल (2026) तक देश में 67.30 लाख टन यूरिया का स्टॉक मौजूद था जो गत वर्ष की समान तिथि को उपलब्ध स्टॉक 68 लाख टन से कुछ ही कम था। इस वर्ष आयात की गति कुछ धीमी रही। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यूरिया सहित अन्य उर्वरकों के अभाव की जोर आशंका प्रकट की जा रही है वह वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाती है।

2025-26 के रबी सीजन में उवर्रकों की समुचित आपूर्ति की गई और 2026-27 के खरीफ सीजन के लिए भी स्टॉक पोजीशन काफी हद तक सुविधाजनक स्थिति में है। अधिकारियों का कहना है कि यूरिया के अलावा देश में डीएपी खाद का स्टॉक मध्य अप्रैल तक बढ़कर 22.10 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल 13 लाख टन रहा था।

इसी तरह समीक्षाधीन अवधि के दौरान एनपीके (NPK) खाद का स्टॉक भी 41.80 लाख टन से उछलकर 57.40 लाख टन पर पहुंच गया। इससे कुल मिलाकर खाद का स्टॉक बढ़ गया है। 

1 से 23 अप्रैल 2026 के दौरान यूरिया की कुल उपलब्धता 69.30 लाख टन की रही जबकि इसकी आवश्यकता 18.10 लाख टन आंकी गई।

इसी तरह डीएपी खाद की 5.90 लाख टन की जरूरत के मुकाबले स्टॉक 22.70 लाख टन, एम ओ पी की 1.70 लाख टन जरूरत की तुलना में उपलब्धता 8.30 लाख टन तथा एनपीके खाद की 7.40 लाख टन जरूरत के सापेक्ष कुल उपलब्धता 52.70 लाख टन की रही।