सोयाबीन की बिजाई में देर होने से ब्राजील में सफरीन्हा मक्का की खेती प्रभावित होने की आशंका

30-Nov-2023 06:02 PM

ब्रासीलिया । ब्राजील में मौसम की हालत अनुकूल नहीं होने से सोयाबीन की बिजाई की गति धीमी चल रही है जिससे सफरीन्हा मक्का की खेती पर असर पड़ सकता है।

दरअसल ब्राजील में सोयाबीन फसल की कटाई के बाद खाली होनी वाले खेतों में जनवरी-मार्च के दौरान सफरीन्हा मक्का की बिजाई होती है। यदि सोयाबीन की बिजाई में देर हुई तो कटाई भी लेट से होगी और तब तक सफरीन्हा मक्का की खेती का आदर्श समय समाप्त हो जाएगा या बहुत कम रहेगा।

ब्राजील के मध्य पश्चिमी भाग एवं टोकानटिंस प्रान्त में 1 नवम्बर के बाद जिन इलाकों में सोयाबीन की बिजाई हुई है उसमें सफरीन्हा मक्का की खेती मुश्किल हो जाएगी क्योंकि वहां इसकी बिजाई का आदर्श समय 20 फरवरी तक ही है और तब तक सोयाबीन फसल की कटाई संभव नहीं हो पाएगी। 

इस वर्ष ब्राजील में सोयाबीन बिजाई की गति वर्ष 2009 के बाद सबसे धीमी है और कई इलाकों में तो इसकी दोबारा बिजाई की आवश्यकता महसूस हो रही है लेकिन किसान ज्यादा रिक्स नहीं लेना चाहते हैं।

ब्राजील में 2009 में सफरीन्हा मक्का का बिजाई क्षेत्र 52 लाख हेक्टेयर था जो वर्ष 2024 में उछलकर 171 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने का अनुमान है। दरअसल इस लैटिन अमरीकी देश में करीब 70-75 प्रतिशत मक्का का उत्पादन सफरीन्हा सीजन में होता है और उसका विशाल मात्रा में विदेशों को निर्यात किया जाता है।

प्रथम या पूर्ण सीजन के उत्पादन का उपयोग घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने में होता है। ब्राजील मक्का के निर्यात में अमरीका के काफी करीब पहुंच गया है जो इसका सबसे प्रमुख निर्यातक देश है लेकिन मक्का के उत्पादन में अमरीका तथा चीन के बाद ब्राजील अभी तीसरे नम्बर पर है। इस वर्ष ब्राजील में मक्का का भाव नरम रहने से किसानों का रुझान सफरीन्हा सीजन में कुछ कमजोर रह सकता है। 

दक्षिणी प्रान्त पराना में प्रथम सीजन के मक्का की बिजाई पूरी हो चुकी है और करीब 79 प्रतिशत फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है।  इसी तरह रियो ग्रैंड डो सूल प्रान्त में मक्का की 82 प्रतिशत बिजाई पूरी हुई है।

वहां नियमित रूप से बारिश होने के कारण खेतों में पानी जमा हो गया इसलिए मक्का की बिजाई में देर हो गई। आगे भी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

ब्राजील संसार में सोयाबीन का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। इस वर्ष वहां बिजाई कुछ घट सकती है जिससे कुल उत्पादन पूर्व निर्धारित अनुमान तक पहुंचने में संदेह है।