सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र के सरकारी एवं सोपा के आंकड़ों में भारी अंतर
01-Jul-2026 07:58 PM
इंदौर। खरीफ सीजन की खास एवं महत्वपूर्ण तिलहन फसल- सोयाबीन की बिजाई विभिन्न राज्यों में पहले ही आरंभ हो चुकी है मगर इसके उत्पादन क्षेत्र का केन्द्रीय कृषि मंत्रालय तथा इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने जो आंकड़ा जारी किया है उसमें भारी अंतर देखा जा रहा है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा खरीफ सीजन में 25 जून तक सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र 6.92 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका। इसके तहत मध्य प्रदेश में 4.30 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1.19 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 63 हजार, तेलंगाना में 15 हजार, कर्नाटक में 43 हजार, छत्तीसगढ़ में 5 हजार, गुजरात में 15,400 तथा अन्य राज्यों में 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बिजाई हुई।
दूसरी ओर सोपा ने जो आंकड़ा दिया है उससे पता चलता है कि सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र मध्य प्रदेश में 15.56 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 8.45 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 3.50 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 25 हजार, कर्नाटक में 24 हजार, छत्तीसगढ़ में 5 हजार, गुजरात में 86 हजार तथा अन्य प्रांतों में 2500 हेक्टेयर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 28.923 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दोनों आंकड़ों की तुलना करने से ज्ञात होता है कि सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र का सोपा का आंकड़ा सरकारी आंकड़े से चार गुणा ज्यादा है। इसका एक कारण यह हो सकता है कि राज्यों से केन्द्र को भेजी जाने वाली सूचना में देरी हो गई हो जबकि सोपा को सही समय पर बिजाई की जानकारी मिल रही हो।
उत्पादन की मात्रा एवं बिजाई क्षेत्र की सीमा की दृष्टि से सोयाबीन खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल है इसलिए इस पर क्रशिंग- प्रोसेसिंग उद्योग का ध्यान विशेष रूप से केन्द्रित रहता है।
