साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल
14-Mar-2026 09:00 PM
ईरान युद्ध के कारण धान-चावल के दाम में मिश्रित रुख
नई दिल्ली। ईरान-अमरीका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया, मध्य-पूर्व एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय बासमती चावल का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
निर्यात
घरेलू धान-चावल बाजार पर इसका असर पड़ने लगा है। भारत से करीब 45 प्रतिशत बासमती चावल का निर्यात इस क्षेत्र के देशों में होता है जिसमें ईरान, इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, बहरीन एवं कतर आदि शामिल है। इन सभी देशों में भारतीय निर्यात अटक रहा है।
ऑफ सीजन
इधर घरेलू प्रभाग में आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से प्रमुख मंडियों में बासमती एवं 'ए' ग्रेड धान की आवक काफी घट गई है इसलिए मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / निर्यातकों की मांग के अनुरूप 7-13 मार्च वाले सप्ताह के दौरान इसका भाव कहीं तेज तो कहीं नरम देखा गया।
दिल्ली
दिल्ली की नरेला मंडी में रोजाना 2 से 6 हजार बोरी के बीच धान की आवक हुई। वहां 1121 धान का भाव 110 रुपए घट गया जबकि 1509 कम्बाइन का दाम 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया।
नजफगढ़ मंडी में सीमित चावल के साथ धान का भाव स्थिर रहा। छत्तीसगढ़ के भाटापाड़ा एवं राजिम में भी ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में ही धान की आवक हो रही है जिसमें शाहजहांपुर और अलीगढ़ मुख्य रूप से शामिल है। हरियाणा की तरावड़ी मंडी में धान की थोड़ी-बहुत आवक हुई। लेकिन राजस्थान की बूंदी एवं कोटा मंडी में धान की अच्छी आपूर्ति हुई और बेहतर कारोबार के साथ इसके दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रही।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो इसके मूल्य में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। कीमतों में तेजी-मंदी 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की रही। अमृतसर में चावल का अच्छा कारोबार हुआ और इसलिए वहां कीमतों में सुधार दर्ज किया गया।
