साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

21-Mar-2026 08:10 PM

नए माल की जोरदार आवक के बावजूद सरसों में भारी तेजी 

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के साथ-साथ उद्योग- व्यापार संगठनों ने भी इस बार सरसों के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में नई सरसों की जोरदार आवक होने लगी है लेकिन तेल मिलर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की मजबूत मांग के कारण 14-20 मार्च वाले सप्ताह के दौरान इसके दाम में जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
42% कंडीशन सरसों  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली तथा जयपुर में 400-400 रुपए बढ़कर क्रमश: 6900 रुपए एवं 7250 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 
सरसों 
इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का भाव बूंदी में 900 रुपए, भरतपुर में 600 रुपए, आगरा में 575 रुपए, कुम्भेर, डीग एवं नदवई में 554 रुपए, अलवर में 500 रुपए, खैरथल में 425 रुपए तथा गंगानगर में 400 रुपए प्रति क्विंटल उछल गया। देश की अन्य मंडियों में भी सरसों के दाम में 150 से 375 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी रही। केवल हिसार में कीमत 50 रुपए नरम पड़ गई। 
सरसों तेल 
सरसों के दाम में जोरदार तेजी आने से सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का मूल्य भी प्रति 10 किलो पर 100 रुपए तक बढ़ गया। एक्सपेलर तेल का भाव दिल्ली में 70 रुपए बढ़कर 1450 रुपए प्रति 10 किलो हो गया। मुरैना में एक्सपेलर एवं कच्ची घानी तेल का भाव 100-100 रुपए की वृद्धि के साथ क्रमश: 1490 रुपए एवं 1500 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। जयपुर में भी कच्ची घानी तेल 100 रुपए बढ़कर 1500 रुपए तथा आगरा में 120 रुपए उछलकर 1510 रुपए पर पहुंच गया। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल एवं डीओसी का बाजार भी तेज रहा जिसका प्रमुख कारण सरसों के दाम में भारी तेजी आना माना जा रहा है।