साप्ताहिक समीक्षा-मूंगफली

04-Jan-2025 07:22 PM

आवक की गति धीमी पड़ने के बावजूद मूंगफली का भाव नरम 

नई दिल्ली। गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी मूंगफली के नए माल की आपूर्ति की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। ऐसा लगता है कि अत्यन्त नीचे दाम पर किसान अपना उत्पाद बेचने के मूड में नहीं है और सरकारी खरीद के जोर पकड़ने की प्रतीक्षा में स्टॉक दबाने का प्रयास कर रहे हैं। खरीफ कालीन मूंगफली की नई फसल सभी राज्यों में आने लगी है जबकि रबी सीजन की मूंगफली का बिजाई क्षेत्र अब पिछले साल के समान स्तर पर पहुंच गया है जो पहले काफी पीछे चल रहा था। 

आवक 

28 दिसम्बर से 3 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान गुजरात की मंडियों में मूंगफली का भाव काफी हद तक स्थिर बना रहा। राजकोट में 30 दिसम्बर को 15 हजार बोरी एवं 2 जनवरी को 11 हजार बोरी की आवक हुई। जूनागढ़ में आवक क्रमश: 4 हजार एवं 3 हजार बोरी दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश के झांसी में पहले 11-12 हजार बोरी की आपूर्ति हो रही थी मगर 3 जनवरी को यह केवल 3 हजार बोरी रह गई। महोबा मंडी में 7 से 9 हजार बोरी के बीच मूंगफली की दैनिक आवक दर्ज की गई। लेकिन मऊरानीपुर में आवक 3500 बोरी से बढ़ते हुए 16 हजार बोरी पर पहुंच गई। 

भाव 

मूंगफली का भाव जयपुर, झांसी, महोबा एवं मऊरानीपुर में 100-100 रुपए प्रति क्विंटल गिर गया लेकिन महाराष्ट्र के सोलापुर में 250 रुपए बढ़कर 6600 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 

मूंगफली दाना

छिलका रहित मूंगफली दाने का भाव बीकानेर में 60-70 काउंट का 100 रुपए गिरकर 7100 रुपए पर आ गया लेकिन सोलापुर में 50/60 काउंट एवं 60/70 काउंट के दाम में क्रमश: 500 रुपए एवं 550 रुपए की तेजी दर्ज की गई।

मूंगफली तेल 

लूज में मूंगफली तेल की कीमत लगातार कमजोर पड़ती जा रही है। सीमित मांग के कारण पिछले सप्ताह इसमें 2 से 4 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ गई। ब्रांडेड तेल का भाव लगातार स्थिर रहा और फिल्टर्ड तेल के दाम में भी विशेष तेजी-मंदी नहीं देखी गई। कोटा एवं जयपुर में यह कुछ नरम रहा।