साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च
14-Mar-2026 08:07 PM
लालमिर्च में अधिक मंदे की संभावना नहीं : उत्पादन कम
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च की कीमतों में मिला जुला व्यापार रहा। एक ओर जहां गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा के भाव दबे रहे। वहीं दूसरी खम्मम एवं वारंगल में कीमतें मजबूती के साथ बोली गई हैं। जानकारों का कहना है कि पैदावार में कमी आने के कारण लालमिर्च की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में चीन की लिवाली आने पर कीमतों में तेजी आने की संभावना है। वर्तमान में बांग्लादेश की लिवाली सीमित बनी हुई है।
आंध्र प्रदेश
लालमिर्च की प्रमुख मंडी गुंटूर में लालमिर्च की सप्ताह में आवक 5/5.25 लाख बोरी की चल रही है। निर्यात व्यापार कम होने के कारण लालमिर्च तेजा का भाव 19300 रुपए से नरमी के साथ सप्ताह के अंत में 19100 रुपए पर बोला गया। जबकि हैदराबाद में लालमिर्च की दैनिक आवक 5/6 हजार बोरी की हो रही है और तेजा का भाव 19400 रुपए प्रति क्विंटल बोला जा रहा है।
तेलंगाना
पैदावार में कमी आने के कारण तेलंगाना की मंडियों में लालमिर्च की आवक गत वर्ष की तुलना में कम हो रही है। चालू सप्ताह के दौरान खम्मम मंडी में लालमिर्च की सप्ताहांत में आवक लगभग 1.50/1.60 लाख बोरी की रही और तेजा क्वालिटी का भाव 19225 रुपए से बढ़कर सप्ताह के अंत में 19300 रुपए हो गया। वारंगल मंडी में सप्ताह में आवक लगभग 2 लाख बोरी की रही। और तेजा क्वालिटी का भाव 19500 रुपए से तेजी के साथ 19800 रुपए पर बोला गया। चालू सीजन के दौरान तेलंगाना में लालमिर्च का उत्पादन 45/50 लाख बोरी होने के अनुमान है जबकि गत वर्ष उत्पादन 60/65 लाख बोरी का माना गया था।
दिल्ली
दिल्ली बाजार में लालमिर्च का उठाव कम रहा। लेकिन उत्पादक केन्द्रों से कमजोर सप्लाई एवं भविष्य में धारणा तेजी की होने के कारण स्टॉकिस्ट भाव घटाकर बिकवाल नहीं है। जिस कारण से तेजा का भाव 23000/23500 रुपए पर मजबूती के साथ बोला गया।
मन्दा तेजी
सूत्रों का मानना है कि लालमिर्च की कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं है क्योंकि पैदावार में कमी आने के अलावा बकाया स्टॉक भी कम है और बकाया स्टॉक हल्की क्वालिटी है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में मंडियों में आवक घंट के पश्चात कीमतों में धीरे-धीरे तेजी बननी शुरू हो जाएगा। संभवना व्यक्त की जा रही है कि आगामी दिनों में मंडियों में तेजा क्वालिटी का भाव 22000/22500 रुपए बन सकता है।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम नौ माह में लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 23 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन भाव कम मिलने के कारण आय में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर- 2025 में लालमिर्च का निर्यात 536760 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 7548.83 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर- 2024 में निर्यात 436034 टन का हुआ था और प्राप्त आय 7111.97 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही।
