साप्ताहिक समीक्षा-जीरा

22-May-2026 06:57 PM

जीरा कीमतों में अभी तेजी की संभावना नहीं : निर्यात मांग कम 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरे के भाव नरमी के साथ बोले गए। निर्यात मांग कमजोर होने के कारण हाल-फिलहाल कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घट रही है लेकिन निर्यात एवं लोकल व्यापार कम होने के कारण कीमतों में 2/3 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। 
जानकार सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में टर्की- सीरिया, चीन की नई फसल की आवक बाजार में शुरू हो जाएगी। जिस कारण से जून-जुलाई माह के दौरान भी जीरे में निर्यात व्यापार सीमित रहेगा। जिस कारण अभी जीरे के दामों में 3/5 रुपए प्रति किलो मंदा-तेजी के साथ बोले जाने के अनुमान है।
हालांकि चालू सीजन के दौरान देश में जीरे का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहा है लेकिन विगत कुछ समय से मिडिल ईस्ट देशों के बीच जारी युद्ध के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देश में जीरे का कुल  उत्पादन लगभग 97/98 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) के आसपास माना गया था जोकि चालू सीजन के दौरान घटकर 92/93 लाख बोरी रह जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान गुजरात  में जीरा उत्पादन 33/34 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि गत वर्ष उत्पादन 44/45 लाख बोरी का रहा था। राजस्थान में गत वर्ष के 51/52 लाख बोरी के मुकाबले 58/59 लाख बोरी उत्पादन होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 
आवक 
प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है प्रमुख मंडी ऊंझा में आवक घटकर 13/14 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजकोट एवं गोंडल में आवक 800/1000 बोरी की चल रही है। इसके अलावा राजस्थान की मेडता मंडी में आवक 4000/5000 बोरी एवं नागौर 3/4 हजार बोरी की रह गई है जोधपुर में आवक 1500/2000 बोरी की हो रही है। सूत्रों का कहना है कि हालांकि गुजरात का अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है लेकिन राजस्थान का अभी भी किसानों के पास 60/70 प्रतिशत बकाया है जोकि भाव बढ़ने पर बाजार में आएगा। एक अनुमान के अनुसार गुजरात की मंडियों में अभी तक कुल जीरे की आवक 24/25 लाख बोरी की हो चुकी है जबकि राजस्थान की मंडियों में अभी तक 17/18 लाख बोरी होने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में गुजरात की मंडियों में एवरेज क्वालिटी जीरे के भाव 170/200 रुपए एवं राजस्थान की मंडियों में 170/205 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं। 
निर्यात कम
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में जीरे का निर्यात 15 प्रतिशत घटा है साथ ही निर्यात भाव भी कम मिलने के कारण आय में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जनवरी- 2025 के दौरान जीरे का निर्यात 166878 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 3885.33 करोड़ की रही जबकि अप्रैल-जनवरी- 2025 में जीरे का निर्यात 197050 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 5386.32 करोड़ की रही।