साप्ताहिक समीक्षा- जीरा

21-Mar-2026 07:34 PM

आवक न बढ़ने से जीरा के भाव मजबूत 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा की कीमतों में सुधार रहा। सूत्रों का कहना है कि गत दिनों में कीमतों में गिरावट आने के कारण किसानों ने माल रोकना शुरू कर दिया है। जिस कारण से मंडियों में नए मालों की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ रही है। चालू सीजन के दौरान पैदावार में कमी आने के कारण लोकल स्टॉकिस्टों की मांग अच्छी है। वर्तमान में ऊंझा मंडी में नए जीरे की आवक 35/40 हजार बोरी की हो रही है जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में आवक 50/55 हजार बोरी की चल रही थी। अन्य मंडियों में भी आवक गत वर्ष की तुलना में कम हो रही है। 
उत्पादन 
चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान जीरे की बिजाई 11.18 लाख हेक्टेयर पर की गई है। जबकि गत वर्ष बिजाई क्षेत्रफल 11.71 लाख हेक्टेयर का रहा था। बिजाई क्षेत्रफल में कमी एवं बिजाई के पश्चात मौसम फसल के प्रतिकूल होने के कारण चालू सीजन के दौरान जीरा उत्पादन लगभग 88/90 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। जबकि गत वर्ष उत्पादन अनुमान 97/98 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) के लगाए गए थे। गुजरात में चालू सीजन के दौरान जीरा उत्पादन 32/34 लाख बोरी होने के समाचारहैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 44/45 लाख बोरी का रहा था। राजस्थान में उत्पादन अनुमान 54/55 लाख बोरी के लगाए जा रहे हैं। 
आवक 
वर्तमान में गुजरात की मंडियों में नए जीरे की दैनिक आवक 60/65 हजार बोरी औसतन चल रही है। जबकि राजस्थान की मंडियों में आवक 22/25 हजार बोरी की चल रही है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में राजस्थान की मंडियों में आवक बढ़ेगी। जबकि क्योंकि नए मालों की आवक में विलम्ब  होने के कारण अप्रैल माह में आवक का दबाव बनेगा। मगर उत्पादन में कमी आने के कारण गुजरात की मंडियों में आवक सीमित दायरे में रहेगी। 
भाव 
कमजोर आवक एवं लोकल में बढ़ती मांग के कारण चालू सप्ताह के दौरान जीरे के दाम लगभग 8/10 रुपए प्रति किलो बढ़कर 190/220 रुपए प्रति किलो के हो गए हैं। राजस्थान की मंडियों में भी भाव तेज रहे। क्योंकि नए मालों की आवक अभी तक सीमित है। सूत्रों का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। लेकिन युद्ध समाप्ति के पश्चात बाजार में निर्यात मांग निकलने पर कीमतों में सुधार संभव है। 
निर्यात कम 
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम नौ माह में जीरा निर्यात मात्रात्मक रूप में 12 प्रतिशत घटा है जबकि भव कम मिलने के कारण आय में 26 प्रतिशत की कमी आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर- 2025 के दौरान जीरा का निर्यात 156671 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 3639.51 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान जीरा का निर्यात 178847 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 4909.77 करोड़ की रही थी। जनवरी- 2026 में भी जीरा का निर्यात गत वर्ष की तुलना में कम रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी- 2026 में जीरा का निर्यात 10206.53 टन का हुआ। जबकि जनवरी-2025 में निर्यात 18203.64 टन का रहा था। वर्ष 2024-25 के दौरान जीरा का कुल निर्यात 229881.67 टन का रहा था। और निर्यात से प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की रही थी।