साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी
13-Jan-2025 11:08 AM
निजामाबाद लाइन पर नई हल्दी की आवक शुरू
नई दिल्ली । चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के दाम नरमी के साथ बोले गए। उल्लेखनीय है कि उत्पादक केन्द्रों पर नुकसान के समाचारों के चलते विगत दिनों हल्दी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई थी लेकिन बढ़े भावों पर मांग घटने के कारण बाजार फिर से घटने लगे हैं। निजामाबाद लाइन पर नई हल्दी की आवक शुरू हो गई है। आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने लगेगी। जिस कारण से हाल-फिलहाल कीमतों में अधिक तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि फरवरी-मार्च माह में अन्य उत्पादक राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र की मंडियों में आवक शुरू हो जाएगी। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर बाजारों में हल्दी के भाव 100/200 रुपए मंदे के साथ बोले गए। जबकि वायदा में अप्रैल का भाव 15228 रुपए पर बंद हुआ है। सप्ताह के शुरू में अप्रैल का हल्दी वायदा 15666 रुपए खुला था। मई माह का वायदा 15690 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 15300 रुपए पर बंद हुआ है।
उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के लिए सभी उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 30/40 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई लेकिन निजामाबाद लाइन को छोड़कर अन्य राज्यों में हल्दी की फसल को नुकसान हुआ है। जिस कारण बिजाई के हिसाब से उत्पादन कम रहेगा लेकिन गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा।
उत्पादन अनुमान
व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन 70/75 लाख बोरी के आसपास रहना चाहिए जबकि गत वर्ष उत्पादन 50/55 लाख बोरी का रहा था। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि वर्ष 2025 के प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा लाइन (बसमत, नांदेड, हिंगोली) पर हल्दी की पैदावार 30/31 लाख बोरी की रहेगी। जबकि गत वर्ष उत्पादन 24/25 लाख बोरी का रहा था। इसके अलावा सांगली लाइन पर उत्पादन गत वर्ष के 7.5/8 लाख बोरी की तुलना में 9.5/10 लाख बोरी माना जा रहा है। निजामाबाद लाइन पर उत्पादन 12/13 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 9/9.50 लाख बोरी का माना गया था। वारंगल लाइन पर पैदावार 1/1.25 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं गत वर्ष उत्पादन 60/70 हजार बोरी का उत्पादन रहा था। दुग्गीराला एवं कडप्पा लाइन पर पैदावार गत वर्ष के 2.5/3 लाख बोरी के मुकाबले 2/2.25 लाख बोरी होने की संभावना है। इरोड, सेलम लाइन पर पैदावार गत वर्ष के 7.5/8 लाख बोरी के मुकाबले 10/10.50 लाख बोरी होने की संभावना है। अन्य क्षेत्रों में उत्पादन 3/4 लाख बोरी होने के व्यापारिक अनुमान जा रहे है।
पूर्व वर्षों में उत्पादन
वर्ष 2024 के दौरान देश में हल्दी की पैदावार गत वर्षों में सबसे कम रही। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2020 में देश में हल्दी की पैदावार 94/95 लाख बोरी की रही थी जबकि वर्ष 2021 में 85/90 लाख बोरी हल्दी उत्पादन रहा था। वर्ष 2022 में उत्पादन अनुमान 78/80 लाख बोरी के लगाए गए थे। वर्ष 2023 में पैदावार 82/85 लाख बोरी की रही। जबकि वर्ष 2024 में उत्पादन 50/55 लाख बोरी का माना गया है।
भविष्य अच्छा
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2025 में हल्दी की कीमतों में तेजी रहेगी। क्योंकि कुल खपत की तुलना में उपलब्धता कमजोर रहेगी। सूत्रों का कहना है कि निर्यात एवं लोकल खपत को पूरा करने के प्रति वर्ष 1/1.10 बोरी हल्दी की आवश्यकता होती है लेकिन वर्ष 2025 के दौरान हल्दी की कुल उपलब्धता 90/95 लाख बोरी की रहने की संभावना है।
निर्यात
चालू सीजन 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के प्रथम सात माह अप्रैल-अक्टूबर 2024 में हल्दी का निर्यात 108879.97 टन का हुआ है। जबकि गत वर्ष अप्रैल-अक्टूबर 2023 में निर्यात 102162.91 टन का हुआ था। हालांकि निर्यात में आय में 69 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। चालू सीजन के प्रथम सात माह में हल्दी निर्यात से प्राप्त आय 1785.19 करोड़ रुपए की हुई जबकि गत वर्ष किए गए निर्यात में 1058.04 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई थी।
