साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

11-Jan-2025 06:35 PM

धीमे कारोबार के बीच चीनी के दाम में मामूली उतार-चढ़ाव 
 
नई दिल्ली। उत्तरी भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने से चीनी की मांग एवं खपत में कमी देखी जा रही है। आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स के निर्माण में इसकी खपत काफी घट गई है। उसके फलस्वरूप मिलर्स को अपने कोटे की बिक्री उचित दाम पर करने में पर्याप्त सफलता नहीं मिल रही है। 4 से 10 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार भाव आमतौर पर स्थिर या कुछ तेज रहा जबकि टेंडर मूल्य में उतार-चढ़ाव देखा गया। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 रुपए, पंजाब में 30 रुपए एवं बिहार में 10 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में पिछले स्तर पर ही बरकरार रहा। गुजरात में भी स्थिरता देखी गई।
हाजिर मूल्य  
चीनी का हाजिर बाजार मूल्य दिल्ली में 4060/4260 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर स्थिर रहा मगर मध्य प्रदेश के इंदौर में 40 रुपए सुधरकर 3870/3970 रुपए प्रति क्विंटल तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर में 100 रुपए बढ़कर 3840/3950 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
मुम्बई 
मुम्बई (वाशी मार्केट) मार्केट में चीनी का दाम 3580/3780 रुपए प्रति क्विंटल पर कायम रहा और नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य     में भी 3530/3730 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर कोई बदलाव नहीं देखा गया। लेकिन महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 20-25 रुपए का उतार-चढ़ाव रहा और इसका स्तर 3410/3510 रुपए से लेकर 3600/3700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। कर्नाटक में चीनी का टेंडर मूल्य 60 रुपए प्रति क्विंटल तक घट गया। कोलकाता में चीनी का उच्चतम भाव 4080/4100 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। 
उत्पादन 
सभी उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन की प्रक्रिया जोर-शोर से जारी है। हालांकि सरकार ने चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी करने या न करने के बारे में निर्णय शीघ्र ही लेने का संकेत दिया है लेकिन बाजार पर इसका कोई मनोवैज्ञानिक असर नहीं देखा जा रहा है। अगले कुछ दिनों में लग्नसरा का सीजन आरंभ होने पर चीनी की मांग एवं खपत में थोड़ी वृद्धि हो सकती है। दिसम्बर की तुलना में जनवरी का फ्री सेल कोटा कुछ बड़ा है।