सीमित आवक एवं मजबूत मांग से गेहूं का भाव रहा तेज
27-May-2024 03:50 PM
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश, मध्य-प्रदेश एवं राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में मॉल की आवक सीमित होने तथा व्यापारियों एवं फ्लोर मिलर्स की मांग मजबूत रहने से 18-24 मई वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव आमतौर पर तेज रहा।
दिल्ली
दिल्ली में यूपी/राजस्थान के गेहूं का दाम 40 रूपए सुधरकर 2550 रूपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में एमपी के गेहूं का मूल्य 400 रूपए उछलकर 2400/3100 रूपए प्रति क्विंटल हो गया।
मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष के साथ-साथ नियत लक्ष्य से भी बहुत पीछे चल रही है। हालांकि वहां किसानो से 2400 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। मगर फिर भी खरीद की गति सुस्त एवं मात्रा बहुत पीछे है। समझा जाता है कि किसानो द्वारा भारी मात्रा के गेहूं का स्टॉक रोका जा रहा है क्योंकि उसे ऑफ़ सीजन में इसका दाम काफी ऊंचा होने की उम्मीद है।
यद्यपि मंडियों में कम आवक को देखते हुए फ्लोर मिलर्स सरकार से गेहूं के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति मांग रहे है मगर फ़िलहाल इसको नजरअंदाज किया जा रहा है। उद्योग व्यापार क्षेत्र का मनना है कि गेहूं का वास्तविक घरेलू उत्पादन सरकार द्वारा लगाए गए अनुमान 1120.20 लाख टन से करीब 70-75 लाख टन कम हुआ है कुछ समीक्षक तो इससे भी कम उत्पादन की संभावना व्यक्त कर रहे है।
मध्य प्रदेश
मध्य-प्रदेश की दो मंडियों-उज्जैन तथा हरदा में गेहूं का भाव क्रमशः 100 रूपए एवं 50 रूपए नरम रहा जबकि शेष मंडियों में दाम स्थिर या तेज देखा गया।
राजस्थान
राजस्थान में गेहूं का दाम कोटा में 50 रूपए एवं बूंदी में 100 रूपए सुधर गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं की कीमत 40-50 रूपए तेज रही दिल्ली के रोजाना औसतन 1000-2000 बोरी गेहूं की आवक हो रही है। अन्य राज्यों की मंडियों में भी आपूर्ति के पीक सीजन में सामान्य से बहुत कम गेहूं आ रहा है।
खरीद
गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से आगे निकल गई है मगर नियत लक्ष्य से इतना पीछे है कि उसका हासिल होना लगभग असंभव हो गया है। सरकार ने जो गेहूं खरीदा है उसका बड़ा भाग हल्की क्वालिटी का है। यह बदरंग गेहूं चमकहीन है जिसे बाद में खुले बाजार बिक्री योजना (ओ एम एम एस) के तहत रियायती मूल्य पर बेचा जा सकता है।
