सीमा शुल्क की समाप्ति के बाद चना का आयात बढ़ने के आसार

30-May-2024 12:24 PM

नई दिल्ली । पिछले सप्ताह अनप्रोसेस्ड चना के घरेलू बाजार मूल्य में करीब 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ जबकि गत एक माह के दौरान इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

पिछले कुछ महीनों से चना के दाम में तेजी-मजबूती का सिलसिला बरकरार है और नए माल की आवक शुरू होने पर भी इसमें नरमी नहीं आई।

चना का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 30-35 प्रतिशत ऊंचा होने के कारण केन्द्रीय बफर स्टॉक के लिए सरकारी एजेंसियों को किसानों से इसकी खरीद करने में भारी कठिनाई हो रही है।

महाराष्ट्र के एक व्यापारी का कहना है कि एक तो इस बार चना का घरेलू उत्पादन सरकारी अनुमान से काफी कम हुआ है और दूसरे, आगे दाम बढ़ने की उम्मीद से किसान इस महत्वपूर्ण दलहन का भारी भरकम स्टॉक रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इससे कीमतों में तेजी आ रही है। 

दाल मिलर्स व्यापारी एवं स्टॉकिस्ट सभी चना की अधिक से अधिक खरीद करके इसका स्टॉक बनाने के इच्छुक है क्योंकि उन्हें आपूर्ति के ऑफ सीजन में इसका बाजार भाव और भी तेज होने का भरोसा है।

चना की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने 7 मई 2024 को इसके आयात को शुल्क मुक्त कर दिया। देसी चना पर पहले 66 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू था अगर अब 31 अक्टूबर 2024 तक इसके आयात पर शुल्क नहीं लगेगा।

इसी तरह पीली मटर के आयात पर लगे 55 प्रतिशत के सीमा शुल्क को 31 अक्टूबर 2024 तक स्थगित कर दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया से इसका आयात आरंभ हो गया है।

हालांकि पहले भी वहां से चना मंगाया जा रहा था मगर उसकी मात्रा सीमित होती थी। अफ़्रीकी देश- तंजानिया से भारत में देसी चना का अच्छा आयात होता रहा है। समझा जाता है कि 58 हजार टन चना से लदा जहाज पहले कहीं और जा रहा था मगर बाद में उसे भारत की तरफ मोड़ दिया गया। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार चना के रिकॉर्ड मूल्य से फिलहाल उपभोक्ताओं को ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय में इसका सीमित स्टॉक बचा हुआ है और नई फसल अभी काफी दूर है।

इधर मानसून सीजन के दौरान बेसन की मांग बढ़ने की संभावना है और उसके बाद इसमें त्यौहार मांग निकलने लगेगी। उत्पादकों को चना का भाव कुछ और बढ़ने का इंतजार है।