सबरीमाला तीर्थयात्रा का सीजन शुरू होने से केरल में कालीमिर्च की मांग एवं कीमत बढ़ी
14-Jan-2025 12:13 PM
कोच्चि । सबरीमाला तीर्थ यात्रा का सीजन आरंभ होने से केरल में कालीमिर्च की मांग बढ़ गई है जिससे इसकी कीमतें में तेजी देखी जा रही है।
व्यापार विश्लेषको के मुताबिक तमिलनाडु के थेनी क्षेत्र के कंबम से आने वाली तीर्थयात्री केरल के इडुक्की से होकर निकलते हैं और फिर वापस लौटते समय कुमिवी में अच्छी मात्रा में कालीमिर्च खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। यह वार्षिक परम्परा है और प्रत्येक साल इस समय केरल में इस मसाले का अच्छा करोबार होता है।
इस बार सबरीमाला में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ज्यादा है और वे आधा किलो या एक किलो के पैकेट में कालीमिर्च की खरीद कर रहे हैं।
व्यापारी पहले से ही इसके लिए तैयारी कर चुके होते हैं। आमतौर पर प्रत्येक साल इस तीर्थ यात्रा सीजन के दौरान लगभग 3000 टन कालीमिर्च का कारोबार हो जाता है।
केरल के पठानमथिट्टा, कोल्लम तथा कोट्टायम जिलों के प्राथमिक डीलर्स का कहना है कि इस बार कालीमिर्च की काफी अच्छी बिक्री हो रही है।
अनेक डीलर्स को कालीमिर्च के अपने पुराने स्टॉक में नई तुड़ाई वाली फसल के माल का मिश्रण करने का अवसर मिल रहा है क्योंकि केरल में कालीमिर्च के नए माल की तुड़ाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है।
वैसे अच्छी क्वालिटी की कालीमिर्च का पुराना स्टॉक सीमित है इसलिए नए माल की बिक्री से उत्पादकों एवं व्यापारियों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।
पिछले सप्ताह कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में कालीमिर्च का भाव गार्बल्ड श्रेणी के लिए 667 रुपए प्रति किलो तथा अनगार्बल्ड किस्म के लिए 647 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया जबकि वहां करीब 225 टन का कारोबार हुआ।
एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक के अनुसार चूंकि चालू सप्ताह के अंत में सबरीमाला तीर्थयात्रा का सीजन समाप्त होने वाला है इसलिए कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में कालीमिर्च के नए माल की आवक बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
प्राथमिक बाजार (उत्पादक मंडियों) के अधिकांश डीलर टर्मिनल मार्केट के बिचौलियों की मदद से कालीमिर्च के प्रत्यक्ष अंतर्राज्यीय कारोबार में शामिल हो गए हैं।
