सभी एफटीए में किसानों के हितों की रक्षा का दावा
28-Apr-2026 03:35 PM
श्रीनगर। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के अंतर्गत भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है और इसमें देश हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व लोक सभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने भारतीय कृषि क्षेत्र को अमरीका के हाथों बेच दिया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि मौजूदा सरकार खेती और किसानों के हित में अच्छा काम कर रही है। किसी भी देश के साथ हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते में किसानों एवं कृषि क्षेत्र के हितों को दांव पर नहीं लगाया गया है।
अधिकांश कृषि एवं खाद्य उत्पादों को इन द्विपक्षीय संधियों के दायरे से बाहर रखा गया है। अमरीका के साथ अभी तक मुक्त व्यापार समझौता पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
न्यूजीलैंड के साथ होने वाले एफटीए के तहत सेब उत्पादकों को होने वाले नुकसान के बारे में कृषि मंत्री का कहना था कि वहां से सेब का आयात भारत की शर्तों पर हो रहा है। जम्मू कश्मीर के उत्पादकों से मुलाकात करके उनकी समस्याओं को सुना-समझा जाएगा। भारत में करीब 20 लाख टन सेब का वार्षिक उत्पादन और लगभग 26 लाख टन का उपयोग होता है।
इससे 6 लाख टन की कमी पड़ जाती है जिसके लिए आयात की आवश्यकता पड़ती है। इस आयात को बंद करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर में केसर एवं अखरोट का भी उत्पादन होता है। उत्पादकों का कहना है कि सरकार को इसका उत्पादन बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
