गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से 13 प्रतिशत पीछे

28-Apr-2026 03:32 PM

नई दिल्ली। पंजाब एवं हरियाणा में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की कुल सरकारी खरीद गत वर्ष के मुकाबले 13 प्रतिशत घटकर 195 लाख टन पर अटक गई। खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।

दरअसल मध्य प्रदेश में खरीद की गति बहुत धीमी है जबकि वह केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाला सबसे प्रमुख राज्य है। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद का लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन निर्धारित कर दिया है मगर क्रय केन्द्रों पर इसकी सीमित आवक हो रही है। 

गेहूं की खरीद का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में 10 लाख टन से बढ़ाकर 25 लाख टन, राजस्थान में 21 लाख टन से बढ़ाकर 23.50 लाख टन, बिहार में 18 हजार टन से बढ़ाकर 1.80 लाख टन तथा उत्तराखंड में 1 हजार टन से बढ़ाकर 5 हजार टन निर्धारित किया गया है। मध्य प्रदेश की भांति उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में भी गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से पीछे है।

एक खास बात यह है कि चालू वर्ष के दौरान अभी तक गेहूं की जितनी खरीद हुई है उसके करीब एक तिहाई भाग की क्वालिटी अच्छी नहीं है। इसका स्टॉक अलग रखा जा रहा है। आगामी समय में खरीद की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। गेहूं की खरीद का कुल सरकारी लक्ष्य 303 लाख टन से बढ़ाकर 345 लाख टन नियत किया गया है।