रबी कालीन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से 70 हजार हेक्टेयर ज्यादा
14-Jan-2025 04:38 PM
नई दिल्ली । सबसे महत्वपूर्ण दलहन चना की बिजाई में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं होने से रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र काफी हद तक पिछले साल के आसपास ही स्थिर रह गया।
चना तथा मूंग के बिजाई क्षेत्र में कुछ सुधार आया और कुलथी का रकबा स्थिर रहा जबकि अन्य दलहनों के बिजाई क्षेत्र में थोड़ी बहुत गिरावट दर्ज की गई। इसमें मसूर, मटर तथा उड़द एवं खेसारी शामिल है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान 10 जनवरी तक रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 139.11 लाख हेक्टेयर से 70 हजार हेक्टेयर बढ़कर 139.81 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया मगर फिर भी सामान्य औसत क्षेत्रफल 140.44 लाख हेक्टेयर से कुछ पीछे रह गया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान चना का बिजाई क्षेत्र 95.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 96.65 लाख हेक्टेयर तथा मूंग का क्षेत्रफल 99 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 1.14 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मसूर का उत्पादन क्षेत्र 17.76 लाख हेक्टेयर से घटकर 17.73 लाख हेक्टेयर,
मटर का रकबा 8.98 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 8.94 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का उत्पादन क्षेत्र 5.02 लाख हेक्टेयर से गिरकर 4.95 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसी तरह खेसारी का रकबा भी 3.32 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.12 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जबकि कुलथी का क्षेत्रफल 3.13 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रहा। अन्य दलहनों का बिजाई क्षेत्र 4.04 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।
कृषि मंत्रालय का कहना है कि रबी कालीन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र लगभग सामान्य चल रहा है और कहीं-कहीं इसकी थोड़ी-बहुत बिजाई हो रही है।
मौसम की हालत अभी तक फसलों के लिए काफी हद तक अनुकूल है इसलिए उत्पादन गत वर्ष से कुछ बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन इसके लिए जनवरी-फरवरी में भी मौसम सामान्य होना आवश्यक है।
चना की अगैती नई फसल की छिटपुट आवक जल्दी ही आरंभ होने की संभावना है। वैसे किसी भी दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में न तो भारी वृद्धि हुई है और न ही जोरदार गिरावट आई है।
