रबी कालीन फसलों का बिजाई क्षेत्र सुधरकर 632.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
14-Jan-2025 03:51 PM
नई दिल्ली। रबी फसलों की बिजाई का अभियान लगभग समाप्त हो चुका है और केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने जो नया आंकड़ा जारी किया है उससे पता चलता है कि इस बार 10 जनवरी 2025 तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 632.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 631.44 लाख हेक्टेयर से 83 हजार हेक्टेयर ज्यादा मगर सामान्य औसत क्षेत्रफल 635.30 लाख हेक्टेयर से कम है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 315.63 लाख हेक्टेयर से उछलकर 320 लाख हेक्टेयर, धान का रकबा 21.53 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 22.09 लाख हेक्टेयर,
दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 139.11 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 139.81 लाख हेक्टेयर तथा मोटे अनाजों का क्षेत्रफल 53.37 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 53.55 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 101.80 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 96.82 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
गेहूं एवं मोटे अनाजों का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से ऊपर पहुंच गया मगर दलहन-तिलहन तथा धान का रकबा उससे पीछे रह गया। सबसे दिलचस्प मामला रबी कालीन धान का है।
इसका सामान्य औसत क्षेत्रफल इस बार 42.02 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि वास्तविक उत्पादन क्षेत्र 22.09 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका है। दलहनों का औसत क्षेत्रफल भी 140.44 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है।
प्रमुख फसलों में चना का उत्पादन 95.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 96.65 लाख हेक्टेयर, मूंग का रकबा 99 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 1.14 लाख हेक्टेयर, मक्का का बिजाई क्षेत्र 20.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 22.37 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का क्षेत्रफल 3.42 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.65 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
मगर सरसों का उत्पादन क्षेत्र 93.73 लाख हेक्टेयर से 5.23 लाख हेक्टेयर लुढ़ककर 88.50 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। वैसे यह रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल 79.16 लाख हेक्टेयर से 9.34 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
गेहूं का रकबा उत्साहवर्धक है जबकि चना का बिजाई क्षेत्र सामान्य तथा सरसों का क्षेत्रफल निराशाजनक माना जा रहा है।
