रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 622.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

07-Jan-2025 05:03 PM

नई दिल्ली । ऐसा प्रतीत होता है कि रबी कालीन फसलों की बिजाई का अभियान अब लगभग समाप्त हो गया है क्योंकि अधिकांश फसलों के बिजाई क्षेत्र में साप्ताहिक आधार पर कोई खास प्रगति नई देखी गई।

केन्द्रीय कृषि  मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 3 जनवरी 2025 तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 622.76 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 621.52 लाख हेक्टेयर से 1.24 लाख हेक्टेयर अधिक रहा। 

रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं के उत्पादन क्षेत्र में पिछले सप्ताह कोई प्रगति नहीं हुई जिससे संकेत मिलता है कि इसकी बिजाई लगभग पूरी हो गई।

इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से कुछ ऊपर रहा और सबका ध्यान आगामी समय के मौसम पर केन्द्रित है। आगामी दो तीन महीनों तक अगर कोई गंभीर प्राकृतिक आपदा का प्रकोप नहीं रहा तो इसके बेहतर उत्पादन की उम्मीद रहेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 319.74 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। सरकार ने इस बार 1150 लाख टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस रिकॉर्ड लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले तीन महीनों तक मौसम का सामान्य अथवा अनुकूल रहना आवश्यक है।

उल्लेखीय है कि 2023-24 के रबी सीजन में गेहूं का बिजाई क्षेत्र रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था जिसे देखते हुए कृषि मंत्रालय ने इसके उत्पादन का अंतिम समीक्षित अनुमान 1132.90 लाख टन आंका था। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही के दौरान देश में सामान्य औसत से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है।

वैसे जनवरी में तापमान सामान्य स्तर से ऊंचा रहने तथा बारिश भी कुछ अधिक होने का अनुमान लगाया गया है। फरवरी-मार्च में यदि बारिश की कमी के साथ तापमान ऊंचा रहा तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। पंजाब में गेहूं की फसल पर कुछ इलाकों में रोगों-कीड़ों का प्रकोप देखा जा रहा है।