रबी फसलों की बिजाई गत वर्ष से 30 लाख हेक्टेयर पीछे
16-Dec-2023 12:44 PM
नई दिल्ली । घरेलू प्रभाग में विभिन्न कृषि जिंसों का भाव मजबूत तथा आकर्षक स्तर पर होने के बावजूद रबी कालीन फसलों का बिजाई क्षेत्र काफी पीछे चल रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 15 दिसम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 557.26 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 587.33 लाख हेक्टेयर से 30.07 लाख हेक्टेयर कम है।
पिछले साल की तुलना में चालू सीजन के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 293.02 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 274.36 लाख हेक्टेयर पर, धान का क्षेत्रफल 12.89 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 11.64 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 139.98 लाख हेक्टेयर से घटकर 128.54 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया
जबकि मोटे अनाजों का रकबा 43.37 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 43.61 लाख हेक्टेयर तथा तिलहनों का क्षेत्रफल 94.35 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 95.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। रबी फसलों की बिजाई अभी जारी है मगर इसकी गति धीमी पड़ गई है।
दलहन फसलों के तहत चना का रकबा गत वर्ष के 98.01 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 88.48 लाख हेक्टेयर, मसूर का क्षेत्रफल 16.84 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 16.75 लाख हेक्टेयर, मूंग का बिजाई क्षेत्र 1.66 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.18 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का उत्पादन क्षेत्र 4.54 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.87 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
हालांकि मटर का क्षेत्रफल 8.63 लाख हेक्टेयर से कुछ सुधरकर 8.74 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर अन्य दलहनों का रकबा 3.48 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.07 लाख हेक्टेयर रह गया चना की बिजाई में भारी गिरावट आना चिंता का विषय है।
तिलहन फसलों के संवर्ग में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 3.74 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.83 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र 60 हजार हेक्टेयर से गिरकर 29 हजार हेक्टेयर, तिल का रकबा 27 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 16 हजार हेक्टेयर तथा
सैफ्लावर का क्षेत्रफल 78 हजार हेक्टेयर से गिरकर 60 हजार हेक्टेयर रह गया लेकिन सरसों का उत्पादन क्षेत्र 90.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 92.46 लाख हेक्टेयर तथा अलसी का क्षेत्रफल 2.32 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.54 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
मोटे अनाजों से ज्वार का उत्पादन क्षेत्र तो गत वर्ष के 20.35 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 19.98 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन मक्का का क्षेत्रफल 14.45 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 15.00 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
जौ का बिजाई क्षेत्र 8 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रहा। रबी सीजन में बाजरा एवं रागी की खेती सीमित क्षेत्रफल में होती है।
