कृषि जिंसों पर बोनस देने के राज्यों के अधिकार रहेंगे बरकरार
13-Apr-2026 02:10 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि केन्द्र सरकार विभिन्न कृषि जिंसों पर बोनस देने के राज्य के अधिकार को समाप्त नहीं करने जा रहा है। इस बीच वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में व्यय विभाग ने राज्यों को पत्र भेजकर बोनस नीति के बारे में जो सुझाव दिया था वह राष्ट्रीय हित के अनुरूप तो है लेकिन राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं है। इसका मकसद केवल राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ राज्यों की नीतियों को सुसंगत बनाना है।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि केन्द्र ने राज्य सरकार को धान के उत्पादन पर दिए जा रहे प्रोत्साहनों को बंद करने का आदेश दिया है। लेकिन केन्द्रीय वित्त मंत्री ने इसका खंडन करते हुए इसे आधारहीन बताया है। वित्त मंत्री के अनुसार यह आरोप राजनीति से प्रेरित और किसानों की नजर में केन्द्र की छवि को खराब करने के ईरादे से लगाया गया है। केन्द्र ने तमिलनाडु सरकार को भेजे एक पत्र में किसानों को दिए जा रहे प्रोत्साहनों पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। उल्लेखनीय है कि अनेक राज्यों में प्रांतीय सरकार द्वारा धान और गेहूं पर केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ऊपर अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की जाती है मगर केन्द्र को इस पर एतराज नहीं होता है।
