पश्चिम एशिया के संकट से बासमती चावल का निर्यात प्रभावित होने की संभावना कम

16-Mar-2026 08:16 PM

नई दिल्ली। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि ईरान- अमरीका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र में संकट काफी बढ़ गया है लेकिन फिर भी भारतीय बासमती चावल के कुल निर्यात पर चालू वित्त वर्ष के साथ-साथ अगले वित्त वर्ष के दौरान भी ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।

इसके विपरीत बासमती चावल का कुल निर्यात पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 2 प्रतिशत बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 60.60 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं। 

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक चूँकि ईरान प्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल है इसलिए वहां बासमती चावल का निर्यात प्रभावित हो रहा है जबकि वह इसका एक अग्रणी खरीदार देश है।

लेकिन इसकी भरपाई इसी क्षेत्र के अन्य देशों की मजबूत मांग से पूरी हो जाएगी। सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात एवं अमन सहित कई अन्य देशों में भारतीय बासमती चावल का बेहतर निर्यात हुआ है। 

लेकिन भारतीय बासमती चावल के निर्यातकों की क्रियाशील पूंजी का चक्र कुछ संकुचित हो सकता है क्योंकि परिवहन के मार्ग में कुछ बधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

निर्यात शिपमेंट के लिए पर्याप्त संख्या में जहाज नहीं मिल रहे हैं। जहाजों का किराया भाड़ा एवं बीमा खर्च काफी बढ़ गया है, मार्ग बदलने से शिपमेंट का टाइम बढ़ गया है और भुगतान सम्बन्धी कुछ चुनौतियां भी मौजूद है।

ऐसा प्रतीत होता है कि शिपमेंट और बीमा खर्च में हुई वृद्धि का भार आयातकों पर डालकर भारतीय निर्यातक अपने लाभांश का कुछ बचाव कर सकते हैं।