प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए आवश्यक तैयारी शुरू

17-Jan-2025 12:12 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने पिछले दिन पांच महत्वपूर्ण गेहूं उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात एवं राजस्थान के खाद्य मंत्रियों तथा बिहार के सहकारिता मंत्री के साथ एक वर्चुअल मीटिंग आयोजित की थी जिसमें वर्ष 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन (अप्रैल-जून) के दौरान सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद के लिए होने वाली तैयारियों की समीक्षा की गई।

मीटिंग के दौरान केन्द्रीय खाद्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन पांच राज्यों में गेहूं की खरीद बढ़ाने की अच्छी क्षमता एवं बेहतर गुंजाईश है और वे केन्द्रीय पूल में गेहूं का भारी योगदान देने में सक्षम है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए यह अत्यन्त आवश्यक भी है कि इन पांचों राज्यों में अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता के अनुसार उसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ा कर कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए। 

उल्लेखनीय है कि पिछले तीन साल से इन पांचों राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद का प्रदर्शन उत्सावहवर्धक नहीं देखा जा रहा है जबकि वहां उत्पादन की स्थिति अच्छी रहती है।

इसके मुकाबले पंजाब-हरियाणा में गेहूं की बेहतर खरीद हो रही है। दिलचस्प तथ्य यह है कि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में गेहूं की खरीद पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है

लेकिन फिर भी खरीद में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। इसके फलस्वरूप गेहूं की सरकारी खरीद नियत लक्ष्य से काफी पीछे रह जाती है। 

चालू वर्ष के लिए खाद्य मंत्रालय ने 300 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जो पिछले साल के आरंभिक लक्ष्य के बराबर भी है।

हालांकि सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 150 रुपए बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन खुला बाजार भाव इससे काफी ऊंचा होने के कारण सरकार को खरीद के प्रति चिंता सता रही है।

राज्यों की ओर से केन्द्रीय खाद्य मंत्री को आश्वस्त किया गया कि गेहूं की खरीद बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में मार्च से ही गेहूं की खरीद शुरू होने की संभावना है।