प्रमुख दलहनों के अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में गिरावट
10-Jan-2025 01:47 PM
मुम्बई । बेहतर उपलब्धता एवं सीमित मांग के कारण दुनिया के प्रमुख निर्यातक देशों में विभिन्न दलहनों का निर्यात ऑफर मूल्य अब नरम पड़ने लगा है जिसमें उड़द, देसी चना, हरी मसूर, लाल मसूर, अरहर (तुवर) एवं पीली मटर भी शामिल है। भारत में इन्हीं दलहनों का आयात होता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 19 दिसम्बर 2024 की तुलना में 9 जनवरी 2025 को भारत में शिपमेंट के लिए उड़द का भाव ब्राजील में जनवरी-फरवरी डिलीवरी के वास्ते 1030 डॉलर प्रति टन से गिरकर 1020 डॉलर प्रति टन, म्यांमार में एफएक्यू श्रेणी के वास्ते 915 डॉलर से घटकर 860 डॉलर प्रति टन तथा एसक्यू वैरायटी के लिए 1015 डॉलर से घटकर 965 डॉलर प्रति टन रह गया।
इसी तरह ऑस्ट्रेलिया से भारत को जनवरी-फरवरी डिलीवरी के लिए देसी चना का निर्यात ऑफर मूल्य 690 डॉलर से गिरकर 685 डॉलर प्रति टन पर आ गया मगर फरवरी-मार्च शिपमेंट के लिए निर्यात ऑफर मूल्य 675 डॉलर प्रति टन के पूर्व स्तर पर ही बरकरार रहा। कनाडा से भारत को फरवरी-मार्च शिपमेंट के लिए हरी मसूर का ऑफर मूल्य 45 डॉलर घटकर 1135 डॉलर प्रति टन रह गया।
जहां तक तुवर का सवाल है तो म्यांमार में जनवरी-फरवरी शिपमेंट के लिए इसका निर्यात ऑफर मूल्य (अरुषा वैरायटी के लिए) 960 डॉलर से लुढ़ककर 830 डॉलर प्रति टन पर आ गया।
इसका प्रमुख कारण भारत में अरहर की नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक शुरू होने से कीमतों में दबाव बढ़ना माना जा रहा है। म्यांमार में भी नई फसल की आपूर्ति का दबाव बढ़ने की संभावना है।
भारत में लाल मसूर एवं पीली मटर का आयात बड़े पैमाने पर होता रहा है। भारत को शिपमेंट के लिए कनाडा में फरवरी-मार्च की डिलीवरी के वास्ते लाल मसूर का निर्यात ऑफर मूल्य 740 डॉलर से गिरकर 735 डॉलर प्रति टन तथा ऑस्ट्रेलिया में 700 डॉलर से गिरकर 695 डॉलर प्रति टन रह गया जबकि जनवरी-फरवरी के शिपमेंट के लिए भी यही मूल्य स्तर दर्ज किया गया।
पीली मटर का निर्यात ऑफर मूल्य भारत को फरवरी-मार्च शिपमेंट के लिए कनाडा में 450 डॉलर प्रति टन के स्तर पर लम्बे समय से बरकरार है
मगर रूस के माल का ऑफर मूल्य जनवरी-फरवरी डिलीवरी के लिए 405 डॉलर से गिरकर 395 डॉलर प्रति टन पर आ गया। ध्यान देने की बात है कि भारत में फिलहाल 31 जनवरी 2025 तक पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति दी गई है।
