ऑस्ट्रेलिया से पिछले सीजन में दलहनों के निर्यात में गिरावट
10-Jan-2025 05:39 PM
ब्रिसबेन । देसी चना के सबसे प्रमुख तथा लाल मसूर के दूसरे सबसे बड़े निर्यातक देश- ऑस्ट्रेलिया से 2022-23 की तुलना में 2023-24 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान विभिन्न दलहनों के साथ-साथ कैनोला के निर्यात में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन मार्केटिंग सीजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया से मसूर का निर्यात 17,99,171 टन से लुढ़ककर 14,06,532 टन चना का निर्यात 6,95,343 टन से घटकर 5,17,798 टन,
साबुत मटर का निर्यात 89,323 टन से गिरकर 76,278 टन, मटर दाल का निर्यात 39,808 टन से फिसलकर 27,567 टन, फाबा बीन्स का निर्यात 5.56 लाख टन से गिरकर 5.27 लाख टन रह गया।
हालांकि इस अवधि में ऑस्ट्रेलिया से मूंग का निर्यात 63,492 टन से बढ़कर 1,06,284 टन पर पहुंचा मगर कैनोला का शिपमेंट 63.52 लाख टन से घटकर 59.40 लाख टन पर अटक गया।
चालू मार्केटिंग सीजन में वहां से दलहनों एवं कैनोला का निर्यात प्रदर्शन बेहतर देखा जा रहा है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक नवम्बर 2023 की तुलना में नवम्बर 2024 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से साबुत मटर का निर्यात 2628 टन से उछलकर 9091 टन, चना का शिपमेंट 31,607 टन से उछलकर 4,42,603 टन,
फाबा बीन्स का निर्यात 31,729 टन से बढ़कर 1,39,616 टन तथा मूंग का निर्यात 1753 टन से सुधरकर 2859 टन पर पहुंचा मगर मटर दाल का निर्यात 1963 टन से फिसलकर 1728 टन तथा मसूर का शिपमेंट 1.19 लाख टन से घटकर 49 हजार टन पर अटक गया।
जहां तक कैनोला का सवाल है तो नवम्बर 2023 में इसका निर्यात 5,42,319 टन दर्ज किया गया था जो नवम्बर 2024 में बढ़कर 7,67,081 टन पर पहुंच गया।
ऑस्ट्रेलिया में दलहन फसलों एवं कैनोला की कटाई-तैयारी पहले ही आरंभ हो चुकी है और अब बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है।
2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान वहां मसूर के उत्पादन में भारी गिरावट आने तथा चना के उत्पादन में जोरदार बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया गया है। भारत में वहां से चना एवं मसूर का भारी आयात किया जा रहा है।
