रूस ने अगस्त तक चीनी के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

06-May-2024 05:17 PM

मास्को । रूस की सरकार ने 31 अगस्त 2024 तक गन्ना अथवा चुकन्दर से निर्मित चीनी तथा रासायनिक रूस से शुद्ध सुक्रोज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एक सरकारी सूचना में कहा गया है कि घरेलू खाद्य बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनाने तथा कीमतों को स्थिर रखने के लिए चीनी के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया गया है।

लेकिन इसमें कुछ अपवाद भी शामिल किए गए हैं। इसके तहत ई ए ई यू देशों को निश्चित मात्रा में चीनी की आपूर्ति की जा सकती है।

इसके अंतर्गत खासकर अर्मेनिया को 28  टन, बेलारूस को 5 हजार टन, कजाकिस्तान को 1.20 लाख टन तथा किर्गिस्तान को 28,500 टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई है।

रूस के कृषि मंत्रालय को निर्यातकों के बीच इन देशों में निर्यात के लिए चीनी का कोटा (मात्रा) वितरित करने का दायित्व सौंपा गया है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वैश्विक बाजार में चीनी की अच्छी आपूर्ति हो रही है और रूस से भी इसका निर्यात काफी बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में नया सीजन शुरू होने से पूर्व तक घरेलू प्रभाग में चीनी का पर्याप्त बकाया स्टॉक बरकरार रखने की आवश्यकता महसूस की आज रही है इसलिए निर्यात को कुछ महीनों तक स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार रूस की चीनी वैश्विक बाजार में सबसे कम दाम पर उपलब्ध होने वाली चीनी में शामिल है इसलिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी मांग बनी रहती है।

खासकर चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्की, उत्तरी कोरिया एवं सेनेगल जैसे देशों ने भी रूस से भारी मात्रा में चीनी मंगाया है जिससे रूस के घरेलू प्रभाग में इसकी कीमत तेज होने लगी है।

वैसे घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए रूस में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सितंबर-अक्टूबर में वहां इसका नया उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।