रूई के वैश्विक उत्पादन में 5 प्रतिशत की कमी आने की संभावना

13-May-2026 07:55 PM

न्यूयार्क। रूई के वैश्विक उत्पादन में इस वर्ष 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आने की संभावना है। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की मासिक रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के सीजन में 1226.40 लाख गांठ (480 पौंड की प्रत्येक गांठ) रूई का वैश्विक उत्पादन हुआ था

जो 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अगस्त-जुलाई) में घटकर 1160.40 लाख गांठ रह जाने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि दुनिया के विभिन्न उत्पादक देशों में रूई का मार्केटिंग सीजन अलग-अलग महीनों में होता है। अमरीका में यह अगस्त से जुलाई के दौरान तथा भारत में अक्टूबर से सितम्बर के दौरान रूई का मार्केटिंग सीजन रहता है। 

उस्डा की रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 सीजन के आरंभ में विश्व स्तर पर 772.70 लाख गांठ रूई का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहने की संभावना है जबकि सीजन के दौरान 433.70 लाख गांठ रूई का आयात-निर्यात हो सकता है। 2026-27 के सीजन में रूई की कुल वैश्विक खपत 1216.90 लाख गांठ होने की संभावना है जो इसके कुल अनुमानित उत्पादन से काफी अधिक है।

इसके फलस्वरूप बकाया अधिशेष स्टॉक में स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाएगी। रूई का वैश्विक बकाया स्टॉक 2026-27 सीजन के अंत में घटकर 718.40 लाख गांठ पर सिमट जाने का अनुमान है। 2025-26 के सीजन में विश्व स्तर पर रूई का कुल उपयोग 1201.30 लाख गांठ तथा आयात-निर्यात 437.80 लाख गांठ दर्ज किया गया था। 

उस्डा ने भारत में रूई का उत्पादन 2025-26 सीजन के 238 लाख गांठ से सुधरकर 2026-27 में 240 लाख गांठ पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।