News Capsule/न्यूज कैप्सूल: पश्चिमी एशिया- संकट से भारतीय चावल निर्यात प्रभावित

13-Mar-2026 10:19 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: पश्चिमी एशिया- संकट से भारतीय चावल निर्यात प्रभावित
★ पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत के कृषि निर्यात, खासकर चावल की शिपमेंट में गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। कई कंटेनर बीच रास्ते से वापस भारतीय बंदरगाहों पर लौट रहे हैं और हजारों कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं।
★ भारत से पश्चिम एशिया के लिए भेजे गए कई बासमती चावल के कंटेनर वापस भारतीय बंदरगाहों जैसे मुंद्रा, गांधिधाम और मुंबई के JNPT लौट आए हैं।
★ कुछ जहाजों को दुबई के जबल अली पोर्ट की बजाय खोरफक्कन, फुजैराह और सलालाह (ओमान) जैसे वैकल्पिक बंदरगाहों पर मोड़ दिया गया है।
★ इन बंदरगाहों पर सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कंटेनर अभी तक अनलोड नहीं हो पाए हैं।
★ केवल ईरान के लिए भेजा गया लगभग 2 लाख टन बासमती चावल फिलहाल शिपमेंट में अटका हुआ है।
★ मध्य-पूर्व भारत के कुल बासमती निर्यात का 60–70% हिस्सा खरीदता है, इसलिए क्षेत्र में तनाव का सीधा असर निर्यात पर पड़ रहा है।
★ जहाजों के वापस आने से मुंद्रा और गांधिधाम जैसे बंदरगाहों पर कंटेनर भीड़ बढ़ गई है।
★ वेयरहाउस की कमी और जहाजों की सीमित उपलब्धता के कारण चावल और अन्य अनाज के हजारों कंटेनर फंसे हुए हैं।
★ शिपिंग कंपनियां कंटेनर रिलीज के लिए $500 से $2000 प्रति 20-फुट कंटेनर तक अतिरिक्त शुल्क मांग रही हैं।
★ सामान्य परिस्थितियों में गंतव्य बंदरगाह पर 21 दिन की फ्री डिटेंशन अवधि मिलती है।
★ कुल मिलकर यह चावल बाज़ारों के लिए अच्छी खबर नहीं।