News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत: ऑयलमील निर्यात में गिरावट, भू-राजनीतिक असर

17-Mar-2026 12:42 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत: ऑयलमील निर्यात में गिरावट, भू-राजनीतिक असर
★ फरवरी 2026 में भारत का ऑयलमील निर्यात घटकर 2.58 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 3.30 लाख टन से 22% कम है।
★ अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के दौरान कुल निर्यात 34.94 लाख टन रहा, जो सालाना आधार पर 11% कम है।
★ अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत के ऑयलमील निर्यात पर पड़ा है। रेड सी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के कारण शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे मध्य पूर्व (करीब 20%) और यूरोप (करीब 15%) को होने वाला निर्यात जोखिम में है।
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मुख्य असर:
★ शिपिंग कंपनियां रेड सी मार्ग से बच रही हैं, जिससे समय और लागत बढ़ी, कुछ कृषि निर्यात अस्थायी रूप से रुके,  कच्चे तेल के दाम $100 प्रति बैरल पार, बीमा और फ्रेट महंगा, केप ऑफ गुड होप मार्ग से 10–15 दिन की देरी
★ चीन को रेपसीड मील निर्यात नई चुनौती बन रहा है। अप्रैल–फरवरी में चीन ने भारत से लगभग 7.7 लाख टन खरीदा। भारतीय रेपसीड मील सस्ता (लगभग $225/टन) होने से मांग मजबूत रही।
★ हालांकि, 1 मार्च 2026 से चीन ने कनाडा पर लगाया 100% टैरिफ हटा दिया है, जिससे भारत को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
★ सोयाबीन मील निर्यात भी कमजोर रहा। अप्रैल–फरवरी में निर्यात 14.92 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 19.40 लाख टन से 23% कम है। भारतीय सोयामील महंगा (लगभग $483/टन) होने से वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा घटी।
★ सरसों उत्पादन 2025-26 के लिए 117.25 लाख टन का अनुमान है। रुपये में करीब 4% कमजोरी से निर्यातकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन कुल मिलाकर ऊंची कीमत और वैश्विक हालात के कारण निर्यात दबाव में है।