नवम्बर-अप्रैल की छमाही में 515 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति
11-May-2026 05:17 PM
नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के लिए कुल 1059 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का कोटा नियत किया गया है जिसमें मक्का एवं सरकारी चावल सहित अन्य क्षतिग्रस्त अनाजों से निर्मित 767 करोड़ लीटर तथा गन्ना अवयवों से निर्मित 291 करोड़ लीटर एथनॉल की मात्रा शामिल थी। नवम्बर 2025 में 36 करोड़ लीटर का एडजस्टमेंट किया गया।
एथनॉल निर्माताओं द्वारा चालू मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी नवम्बर 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान करीब 515 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई जो कुल नियत कोटे का 49 प्रतिशत है।
इसमें अनाज से निर्मित एथनॉल की भागीदारी 333 करोड़ लीटर या 43 प्रतिशत तथा गन्ना से उत्पादित एथनॉल की हिस्सेदारी 182 करोड़ लीटर या 62 प्रतिशत रही। भारत में क्षतिग्रस्त अनाज, सरकारी खाद्यान्न एवं मक्का से एथनॉल बनाया जाता है जबकि गन्ना अवयवों में गन्ना जूस / सीरप, बी हैवी शीरा तथा सी हैवी शीरा से इसका निर्माण होता है।
तेल विपणन कंपनियों को एथनॉल की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। इसके तहत नवम्बर 2025 में 45 करोड़ लीटर तथा दिसम्बर 2025 में 102 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई जबकि इसकी मात्रा जनवरी 2026 में 91 करोड़ लीटर, फरवरी में 89 करोड़, मार्च में 95 करोड़ एवं अप्रैल में 92 करोड़ लीटर दर्ज की गई।
गन्ना की क्रशिंग का सीजन समाप्त हो गया है लेकिन डिस्टीलरीज में एथनॉल का उत्पादन जारी रहने से आगामी महीनों के दौरान भी इसकी आपूर्ति निर्बाध ढंग से होती रहेगी। भारत में अभी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का अनिवार्य नियम लागू है जबकि डिस्टीलर्स इसका स्तर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि उसे अपनी कुल संचित उत्पादन क्षमता के अधिक भाग का इस्तेमाल करने में सहायता मिल सके।
