गन्ना के एफआरपी में 10 रुपए की वृद्धि से चीनी उद्योग चिंतित

11-May-2026 08:29 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 2026-27 सीजन के लिए गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य 10 रुपए बढ़ाकर 365 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि यह वृद्धि गन्ना उत्पादकों की नजर में उम्मीद से कम है जबकि चीनी उद्योग इस बढ़ोत्तरी से परेशान और चिंतित हैं। 

यद्यपि किसानों की भलाई को देखते हुए चीनी उद्योग ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है लेकिन साथ ही साथ चीनी के एक्सफैक्ट्री न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) तथा एथनॉल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं होने से उद्योग को अपना मार्जिन समाप्त होने का डर भी सता रहा है। उसका कहना है कि गन्ना के एफआरपी में एक तरफा वृद्धि होती रही है जबकि चीनी का एमएसपी पिछले छह साल से स्थिर है। 

दूसरी ओर किसान संगठनों का कहना है कि खेती, कटाई एवं ढुलाई के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह 10 रुपए की वृद्धि  पर्याप्त नहीं है। गन्ना के एफआरपी में केवल 2.81 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है जबकि वृद्धि इससे ज्यादा होनी चाहिए। उधर इस्मा के महानिदेशक ने कहा है कि इस मूल्य वृद्धि से देश के करीब 5.50 करोड़ गन्ना उत्पादकों को 15-20 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी।