निर्यात मांग सुधरने की उम्मीद से बड़ी इलायची का भाव मजबूत रहने की संभावना

10-Jan-2025 06:06 PM

नई दिल्ली । देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की हालत कुछ कमजोर रहने, नीलामी केन्द्रों में आवक कम होने, नेपाल में भाव उछलने तथा मुस्लिम बहुल देशों में रमजान की मांग जल्दी ही जोर पकड़ने की संभावना से बड़ी (काली) इलायची की कीमतों में आगामी समय के दौरान भी तेजी-मजबूती का सिलसिला बरकरार रहने के आसार हैं।

ध्यान देने की बात है कि भारत में नेपाल एवं भूटान से बड़े पैमाने पर बड़ी इलायची का आयात किया जाता है जिसमें से थोड़ी-बहुत मात्रा की खपत घरेलू प्रभाग में होती है जबकि शेष माल का विदेशों में निर्यात कर दिया जाता है।

नेपाल के उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों द्वारा सीमित मात्रा में माल की बिक्री किए जाने से वहां बड़ी इलायची का दाम बढ़कर रिकॉर्ड स्तर की ओर जाने लगा है। 

नीलामी केन्द्रों में इलायची का औसत मूल्य सुधर रहा है जबकि हाजिर बाजार में भी मांग बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भारत में बड़ी इलायची का उत्पादन मुख्यत: सिक्किम, मेघालय, आसाम, नागालैंड तथा पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्र (दार्जिलिंग) आदि में होता है। वहां मौसम की हालत इस बार भी फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं रही। 

राष्ट्रीय राजस्थान दिल्ली के थोक किराना बाजार में कैंची कट बड़ी इलायची का भाव बढ़कर 1900-1910 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर पहुंच गया है।

उत्पादक क्षेत्रों से  माल की आवक कम हो रही है। नई फसल की तुड़ाई-तैयारी की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

हाल की नीलामी में इसका औसत मूल्य क्वालिटी के आधार पर 1500 से 1850 रुपए प्रति किलो के बीच दर्ज किया गया। इससे उत्पादकों को अच्छी राहत मिल रही है।